‘जिराफ़’ को हिंदी में क्या कहते हैं? शायद ही पता होगा आपको …

हम अपनी रोज़ाना की ज़िंदगी में बहुत सी चीज़ें ऐसी सुनते और पढ़ते हैं, जो हमारी ज़िंदगी में इस तरह रच-बस गया है कि उससे जुड़ी चीज़ें हम शायद जानना भी नहीं चाहते. जिस तरह हमसे ये बोली गईं, हमने इन्हें उसी तरह स्वीकार भी कर लिया. ऐसे कई शब्द हैं, जिन्हें हम इस्तेमाल तो धड़ल्ले से करते हैं लेकिन ये नहीं जानते हैं कि ये शब्द आया कहां से? हम जिस शब्द को हिंदी या इंग्लिश का समझते हैं, पता चलता है कि वो किसी और भाषा से आया है.

हाल ही में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म कोरा पर किसी यूज़र ने सवाल पूछा कि – ‘आखिर जिराफ को हिंदी में क्या कहते हैं.’ ये शब्द कहां से आया है और ये किस भाषा से लिया गया है? अजब गजब जानकारी की सीरीज़ में आज इसी सवाल का जवाब तलाशने की हम कोशिश करेंगे. अलग-अलग यूज़र्स ने इस पर अपनी राय दी है. हम इससे ही इसके जवाब तक पहुंचेंगे.

हिंदी में क्या कहते हैं ‘जिराफ’ को?
अब तक आपने बचपन से अंग्रेज़ी में जिराफ़ को हिंदी में भी जिराफ़ ही बोला होगा. इस सवाल के जवाब में यूज़र्स ने तरह-तरह की बातें बताई हैं, लेकिन इसमें को नतीजा सामने आ रहा है वो ये है कि जिराफ़ के लिए हिंदी में अलग से कोई शब्द ही नहीं है. विकीपीडिया के मुताबिक जिराफ़ शब्द मूल रूप से अरबी भाषा से आया है. शायद इसे अफ्रीकी भाषा से अरबी में लिया गया होगा लेकिन 1590 में अरबी भाषा से ये शब्द इतालवी भाषा में आया और फिर इंग्लिश में. वहीं एक यूज़र ने बताया कि ये फारसी भाषा के शब्द जूर्नापा से आया, जो सीरियाक में जारीपा हुआ और अंतर में अपभ्रंश होकर जिराफ़ बन गया. चूंकि हिंदी में अरबी-फारसी के बहुत से शब्दों को जस का तस अपनाया गया है, ऐसे में जिराफ़ को भी वैसा का वैसा ले लिया गया.

संस्कृत में है जिराफ़ का अलग नाम
ये तो बात रही हिंदी की लेकिन प्राचीन भाषा के तौर मान्य संस्कृत में इसके लिए अलग शब्द है. जिराफ़ के लिए संस्कृत में शब्द है चित्रोष्ट्र:, जिसका अर्थ होता है चित्ती वाला ऊँट. संस्कृत भाषा में उष्ट्र ऊँचे पशु के लिए भी प्रयोग करते हैं, ऐसे में चित्रोष्ट्र जिराफ़ के लिए प्रयोग किया जा सकता है. वहीं एक और प्राचीन भाषा पालि में जिराफ़ को दीघगीवमिग यानि लंबी गर्दन वाला हिरण कहा जाता था.

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