पंजाब: दो पूर्व रजिस्ट्रार और सुपरीटेंडैंट गिरफ्तार, पढ़े पूरी खबर

पंजाब स्टेट फार्मेसी कौंसिल (पी.एस.पी.सी.) में बड़े घोटाले का पर्दाफाश करते हुए पंजाब विजीलैंस ब्यूरो की टीम ने दो पूर्व रजिस्ट्ररारों और एक सुपरीटेंडैंट को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान प्रवीण कुमार भारद्वाज, डाक्टर तेजबीर सिंह (दोनों पूर्व रजिस्ट्रार) व मौजूदा सुपरीटेडैंट व तत्कालीन लेखाकार अशोक कुमार के रूप में की गई है।
पंजाब विजीलैंस ब्यूरो के प्रवक्त्ता ने बताया कि विभाग की तरफ जांच-पड़ताल के बाद कार्रवाई की गई है। आरोप है कि उक्त आरोपियों को कथित तौर पर प्राइवेट फार्मेसी संस्थायों के सहयोग से उम्मीदवरों की रजिस्ट्रेशन करने और फार्मासिस्टों को सर्टीफिकेट जारी करने से संबधित गंभीर अनियमितताओं के आरोप अधीन गिरफ्तार किया गया है। जांच पूरी होने के बाद विभाग की तरफ से 8 दिसंबर 2023 को साजिश के साथ धोखाधड़ी करने व जाली दस्तावेज तैयार करने के तहत थाना आर्थिक अपराध शाखा में मामला दर्ज किया गया है। अगली जांच के दौरान पी.एस.पी.सी. के और अधिकारियों, कर्मचारियों और क्लर्कों के साथ-साथ प्राईवेट कॉलेजों के साथ जुड़े व्यक्तियों की भूमिकाओं की भी जांच की जायेगी।
105 फार्मेसी कालेजों में प्रोटोकोल और अनिवार्य नियमों को किया अनदेखा
जांच में पता चला कि प्रवीण कुमार ने 2001 से 2009 और 24 दिसंबर 2013 से 25 मार्च 2015 तक और डॉ. तेजबीर सिंह 23 अगस्त 2013 से 24 दिसंबर 2013 तक पी.एस.पी.सी के रजिस्ट्रार के तौर पर सेवाएं निभाई उनके साथ लेखाकार अशोक कुमार भी इस घोटाले में शामिल था। जांच में पता चला कि फार्मासिस्टों की रजिस्ट्रेशन के दौरान सत्यापन प्रक्रिया में लापरवाही की गई है। इसके अलावा सामान्य निरीक्षण के दौरान कई नकली डी-फार्मेसी सर्टीफिकेटों का भी पता लगा है। इस जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि पंजाब के 105 फार्मेसी कॉलेजों में चल रहे डी-फार्मेसी कोर्स के लिए दाखि़ला प्रक्रिया के दौरान उक्त आरोपियों ने रजिस्ट्रारों और कर्मचारियों द्वारा सख़्त प्रोटोकोल और अनिवार्य शैक्षिक योग्यताओं को अनदेखा किया गया था।





