जहां जर्मन सैनिकों ने किया था सरेंडर, वहां अचानक मिला दफनाया खजाना

खजाने की खोज करने वालों को जमीन में गड़ा हुआ जर्मन सैनिकों का खजाना मिला है. पाए गए सिक्कों की संख्या दर्जनों में बताई गई है, जिन्हें देख कर वे दंग रह गए. ये सभी सिक्के चांदी से बने हुए, जिन पर लिथुआनिया के पूर्व राष्ट्रपति एंटानास स्मेटोना (Antanas Smetona) की तस्वीर बनी हुई है. इससे जुड़ा एक वीडियो ‘इंस्टाग्राम’ पर शेयर किया गया है, जिसमें सिक्कों की खोज को दिखाया गया है.
किसने की इन सिक्कों की खोज?: द सन की रिपोर्ट के अनुसार, एएल हिस्ट्री टीम (AL History Team) के ट्रेजर हंटर्स को ये खजाना मिला है. उनको ये सिक्के पूर्वी मोर्चे (Eastern Front) पर मिले, जहां द्वितीय विश्व युद्ध (World War II) के सैनिकों ने सरेंडर किया था. सिक्कों की खोज का एक वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया है, जिसमें देखा जा सकता है कि कैसे ट्रेजर हंटर्स ने सिक्कों की खोज की है.
जहां जर्मन सैनिकों ने सरेंडर किया था, हमें जर्मन सैनिकों का खजाना मिला है, स्क्रीन पर लिखा हुआ दिखता है. फिर एक शख्त मेटल डिटेक्टर को जमीन पर घुमाते हुए दिखता है, उसे वहां मेटल डिटेक्टर में ‘बहुत सारे सिग्नल’ मिलते हैं. फिर हरे दस्ताने पहने हुए शख्स जमीन से मिट्टी हटाते हुए दिखता है. उसे एक बड़ा चांदी का सिक्का दिखता है, जो अभी भी चमकदार और लगभग एक दम सही कंडीशन में है.
दिखने में कैसा है ये सिक्का?
यह एक लिथुआनियाई सिक्का (Lithuanian coin) है, जिसके पीछे लिथुआनिया के पूर्व राष्ट्रपति एंटानास स्मेटोना (Antanas Smetona) का चित्र उकेरा हुआ है. वीडियो में आगे दिखता है कि उस जगह एक के बाद एक कई सिक्के मिलते हैं. ये सभी सिक्के चांदी थे, जिन पर अलग-अलग तरह की नक्काशियां बनी हुई हैं.
पाए गए सिक्कों की कितनी है संख्या?
मेटल डिटेक्टरिस्टों ने तब खुलासा किया कि उन्हें 32 सिक्के मिले थे. खजाना अब बिक्री के लिए रखा गया है और हालांकि इन विशिष्ट सिक्कों की कीमत अज्ञात है. लेकिन एक खोजकर्ता, जिसे ऐसे ही सिक्के मिले थे, उसको उनके बदले में बेचने पर सैकड़ों पाउंट मिले हैं. अब एएल हिस्ट्री टीम के खोजकर्ताओं भी ऐसी ही उम्मीद लगाए बैठे हैं.





