दबे पांव देता है पैनक्रिएटिक कैंसर दस्तक, जानें इसके लक्षण

पैनक्रिया हमारे शरीर का बहुत ही अहम हिस्सा है। खाना पचाने और ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में पैनक्रिया बहुत अहम भूमिका निभाता है। पैनक्रिया के कैंसर से दुनिया भर में काफी लोग पीड़ित हैं। पैनक्रिएटिक कैंसर एक बेहद ही खतरनाक बीमारी है जिसके बारे में लोगों में जानकारी की काफी कमी है। जानें क्या है पैनक्रिएटिक कैंसर के लक्षण और रिस्क फैक्टर्स।
हर साल नवंबर के तीसरे गुरूवार को वर्ल्ड पैनक्रिएटिक कैंसर डे मनाया जाता है। इस साल यह 16 नवंबर को मनाया जा रहा है। पैनक्रिएटिक कैंसर एक जानलेवा बीमारी है, जो हर साल दुनिया भर में कई लोगों की जान लेती है। इस बीमारी के बारे में लोगों में कम जानकारी होने की वजह से इसका सही समय पर इलाज नहीं हो पाता। इसलिए हर साल वर्ल्ड पैनक्रिएटिक कैंसर डे के दिन, लोगों में इस खतरनाक बीमारी के बारे में जागरूकता फैलाने की कोशिश की जाती है। आज इस मौके पर जानते हैं कि क्या होता है पैनक्रिएटिक कैंसर, क्या हो सकते है इसके लक्षण और कैसे कर सकते हैं इससे बचाव।
क्या है पैनक्रिएटिक कैंसर?
पैनक्रियाज हमारे पाचन तंत्र का एक बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह पेट के पीछे स्थित होता है और खाने को पचाने के लिए, कई जरूरी एंजाइम्स बनाता है। साथ ही, ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने के लिए इंसुलिन भी बनाता है। जब पैनक्रियाज के सेल्स असमान्य गति से बढ़ने लगते हैं, तब वे ट्युमर का रूप ले लेते हैं और इसे ही पैनक्रिएटिक कैंसर कहा जाता है। इस बीमारी के शुरुआती स्टेज में कोई लक्षण नजर नहीं आते, जिस वजह से इसका पता लगाना बहुत मुश्किल होता है और इस वजह से अक्सर इसका पता काफी देर से चलता है। लेकिन इसके कुछ लक्षणों पर ध्यान देकर, इसका जल्दी पता लगाया जा सकता है।
क्या हैं इसके लक्षण?
- पेट में दर्द
- पीठ में दर्द
- थकावट
- पीलिया (Jaundice)
- मितली आना
- उल्टी
- भूख न लगना
- डायबिटीज या डायबिटीज को कंट्रोल न कर पाना
- मल का रंग हल्का होना
- पेशाब का रंग गाढ़ा होना
- खुजली
- वजन कम होना
- अपच (खाना पचाने में तकलीफ)
- ब्लड क्लॉट्स (खून जमना)
- क्या हैं इसके रिस्क फैक्टर्स?
- स्मोकिंग या तंबाकू का सेवन करना इसका सबसे बड़ा रिस्क फैक्टर है।
- बहुत अधिक मात्रा में शराब पीना।
- जेनेटिक कंडिशन
- मोटापा
- पैनक्रिया में लंबे समय से सूजन।
- ड्राई क्लीनिंग, पेस्टिसाइड्स आदि के लगातार संपर्क में आना।
- 65 से अधिक उम्र होना।
- कैसे कर सकते हैं बचाव?
- स्मोकिंग न करें और शराब न पीएं। एल्कोहल और तंबाकू आपके पैनक्रियाज के लिए बहुत हानिकारक होते हैं। इनके इस्तेमाल से और भी कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
- एक्सरसाइज करें। हेल्दी वजन पैनक्रिएटिक कैंसर होने के खतरे को कम कर सकता है। इसलिए रोज एक्सरसाइज करें और एब्डॉमिनल फैट को अधिक बढ़ने न दें। हेल्दी वजन मेंटेन करने के लिए रनिंग, ब्रिस्क वॉकिंग, योग आदि को अपने रूटीन में शामिल कर सकते हैं।
- बाहर का तला-भुना खाना भी आपका वजन बढ़ाते हैं इसलिए बाहर का जंक फूड न खाएं और अपनी डाइट में हरी सब्जियां, फल, होल ग्रेन, दूध आदि को शामिल करें।





