एआई चैटबॉट Google Bard के खिलाफ गूगल ने किया मुकदमा

अल्फाबेट का Google पांच अज्ञात स्कैमर्स पर मुकदमा कर रहा है, जिन्होंने Google के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चैटबॉट बार्ड की तलाश कर रहे लोगों को उनके कंप्यूटर पर मैलवेयर डाउनलोड करने के लिए बरगलाया।
Google ने दावा किया कि स्कैमर्स ने सोशल मीडिया अकाउंट का इस्तेमाल करके गूगल बार्ड का नकली वर्जन डाउनलोड करने के लिए लोगों को उकसाया है। आइए डिटेल से जानते हैं आखिर गूगल ने ऐसा क्यों किया है इसके पीछे की वजह क्या है।
AI को लेकर Google ने किया मुकदमा
Google का मुकदमा किसी प्रमुख टेक कंपनी की ओर से अपनी तरह का पहला मुकदमा है, जो इस बात पर प्रकाश डालता है कि कैसे नए कानूनी मुद्दे सामने आएंगे क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का क्रेज दुनिया भर के देशों में जारी है।
सोमवार सुबह प्रकाशित एक ब्लॉग पोस्ट में Google के जनरल काउंसिल हलीमा डेलेन प्राडो ने कहा कि जैसे-जैसे नए जेनरेटिव एआई टूल्स में जनता का उत्साह बढ़ा है, स्कैमर्स तेजी से बिना सोचे-समझे यूजर्स का फायदा उठा रहे हैं।
फर्जी गूगल अकाउंट का किया जा रहा था इस्तेमाल
Google ने सोमवार को स्कैमर्स के खिलाफ एक और मुकदमा भी दायर किया, जिन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने दर्जनों Google Account बनाए और उनका इस्तेमाल अपने प्रतिस्पर्धियों के खिलाफ हजारों झूठे कॉपीराइट दावे प्रस्तुत करने के लिए किया।
कैलिफोर्निया के उत्तरी जिले में दायर उस मुकदमे में दावा किया गया है कि दो व्यक्तियों ने 117,000 से अधिक वेबसाइटों के खिलाफ कॉपीराइट उल्लंघन के हजारों फर्जी नोटिस जमा करने के लिए कम से कम 65 गूगल अकाउंट बनाए हैं।





