ब्लोटिंग,अपच जैसी कई समस्याओं का इलाज है ये आयुर्वेदिक चाय, जानिए बनाने का तरीका

आयुर्वेदिक खानपान और उसके तरीके अपनाकर हम लंबे समय तक स्वस्थ बने रह सकते हैं। चाय हममें से ज्यादातर लोग पीते हैं लेकिन दूध और चीनी वाली चाय के साथ सुबह की शुरुआत अपच गैस एसिडिटी जैसी समस्याओं की वजह बन सकती है तो इन प्रॉब्लम्स से बचे रहने के लिए इस आयुर्वेदिक चाय को करें अपने रूटीन में शामिल और पाएं कई सारे फायदे।

हममें से ज्यादातर लोगों के दिन की शुरुआत चाय के साथ होती है, लेकिन खाली पेट दूध वाली चाय गैस, एसिडिटी जैसी समस्याओं की वजह बन सकती है। जिस चाय को पीने के बाद आप एनर्जेटिक फील करने वाले थे, हो सके उसे पीने के बाद आपको पेट पकड़ कर बैठना पड़ जाए, तो क्यों न अपने दिन की शुरुआत ऐसी चाय से करें, जो आपको दिनभर एनर्जेटिक रखे। साथ ही पाचन संबंधी समस्याओं से भी दूर रखें। आइए जानते हैं ऐसी ही एक आयुर्वेदिक चाय के बारे में।

पाचन को दुरुस्त रखने वाली आयुर्वेदिक चाय
ऐसे बनाएं CCF टी

  • एक बर्तन में एक कप पानी डालें।
  • इसमें एक चम्मच जीरा, एक चम्मच धनिया के बीज और एक चम्मच सौंफ डालें।
  • पानी को कम से कम 7 से 10 मिनट उबलने दें।
  • इसके बाद इसे छानकर पीएं।

Dr Dixa Bhavsar Savaliya ने अपने सोशल मीडिया पर इस चाय की रेसिपी शेयर की है, जिसमें उन्होंने बताया है कि, ‘इस चाय को पीने से पाचन एकदम दुरुस्त रहता है साथ ही शरीर में मौजूद गंदगी का भी सफाया हो जाता है। जीरा, धनिया के बीज और सौंफ से बनी ये चाय पाचन अग्नि को बढ़ाने का काम करती है। आयुर्वेद के अनुसार पाचन अग्नि का काम भोजन को सही तरीके से पचाना और अवशोषित करना है। लेकिन जब इसके कार्य में किसी तरह की बाधा आती है, तो शरीर का मेटाबॉलिज्म गड़बड़ हो जाता है। जिसकी वजह से हेल्थ खराब होने लगती है। भूख कम लगती है और कमजोरी व थकान का एहसास भी होता रहता है, तो इन सभी परेशानियों को दूर करने में ये चाय पीना है फायदेमंद।’

चाय के अन्य फायदे

  • कील-मुंहासों की समस्या दूर होती है।
  • लीवर और किडनी डिटॉक्स होती है।
  • सूजन की समस्या दूर करती है।
  • फैटी लीवर से जूझ रहे मरीजों के लिए भी बेहद फायदेमंद है ये चाय।
  • पेट दर्द दूर करने में भी असरदार है ये चाय।
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