मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि पूरा शराब घोटाला झूठा

जिस आबकारी घोटाला मामले में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया तिहाड़ जेल में रिमांड पर हैं और उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा उसे आम आदमी पार्टी (आप) फर्जी बता रही है।

ताजा मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, “पूरा शराब घोटाला झूठा है। हम शुरू से कह रहे थे। अब तो अदालतें भी कहने लगी हैं। आप जैसी ईमानदार पार्टी को बदनाम करने के लिए बीजेपी का ये हताशा भरा कदम है।”
इससे पहले रविवार (7 अप्रैल) को आम आदमी पार्टी ने कहा था कि कथित आबकारी घोटाले पर राउज एवेन्यू कोर्ट से भाजपा और सीबीआइ-ईडी के गठजोड़ को जोर का झटका लगा है। कोर्ट के आदेश से साफ हो गया है कि दिल्ली में कोई शराब घोटाला नहीं हुआ है और सीबीआइ-ईडी के पास कोई सुबूत नहीं है। इस संबंध में रविवार को सीएम अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा था कि अब कोर्ट ने भी कहा है कि रिश्वत या मनी लान्ड्रिंग का कोई ठोस सुबूत नहीं है।
कोर्ट ने घोटाले के आरोप को मनगढ़ंत बताया- AAP
कैबिनेट मंत्री सौरभ भारद्वाज और पार्टी की मुख्य प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ के साथ प्रेस वार्ता कर आप की वरिष्ठ नेता एवं कैबिनेट मंत्री आतिशी ने रविवार को कहा था कि इस मामले में गिरफ्तार राजेश जोशी और गौतम मल्होत्रा को कोर्ट ने जमानत दे दी है। 85 पेज के आदेश में कोर्ट ने भाजपा और सीबीआइ-ईडी द्वारा लगाए गए 100 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप को मनगढ़ंत बताया है।
उन्होंने इस पैसे का इस्तेमाल गोवा चुनाव में करने का आरोप भी कोर्ट में धराशायी हो गया है। सीबीआइ-ईडी की जांच से आप को देश की सबसे ईमानदार पार्टी होने का प्रमाणपत्र मिला है। उन्होंने कहा था कि आप पर झूठे आरोप लगाने के लिए अब पीएम मोदी और भाजपा को देश से माफी मांगनी चाहिए।
ईडी के पास कोई सुबूत नहीं
आतिशी ने कहा था कि कोर्ट द्वारा आदेश में कई बार कहा गया है कि ईडी ने एक भी सुबूत सामने नहीं रखा है। इनका पहला आरोप है कि 100 करोड़ का घोटाला हुआ और शराब कारोबारियों द्वारा 100 करोड़ रुपये की रिश्वत आप को दी गई।
सीबीआइ-ईडी और भाजपा का कहना था कि इस मामले में शराब कारोबारी गौतम मल्होत्रा भी शामिल थे, लेकिन कोर्ट ने अपने आदेश के पैरा-74 में कहा है कि एक पैसे का रिश्वत देने का कोई भी सुबूत किसी भी एजेंसी ने कोर्ट के समक्ष नहीं रखा गया है।
उन्होंने कहा था कि ईडी की कहानी 100 करोड़ रुपये से शुरू होती है, पर ये 100 करोड़ रुपये कहां से आए, यह स्पष्ट नहीं है, क्योंकि ईडी ने अपनी चार्जशीट में सिर्फ 30 करोड़ रुपये की बात कही है।
ईडी के अनुसार ये 30 करोड़ रुपये तथाकथित तौर पर किकबैक के रूप में आए और इन लोगों के माध्यम से गोवा चुनाव में पहुंचाए गए। जबकि, ईडी ने ही छह महीने की जांच के बाद कोर्ट के सामने कहा कि आप ने गोवा चुनाव में मात्र 19 लाख रुपये कैश में खर्च किया है।
उधर, इस बारे में ईडी ने कहा है कि जमानत मिल जाने से कोई भी आरोप मुक्त नहीं हो जाता है। उनके पास घोटाले के पूरे तथ्य मौजूद हैं।





