कानून में बदलाव जरुरी, तभी दूर होगी H-1B वीजा नियमों की खामी

अमेरिका के श्रम मंत्रालय ने एच-1 बी वीजा नीति की खामियों का फायदा उठाने से कंपनियों को रोकने के लिए कानून में संशोधन की आवश्यकता जताई है। संशोधन के जरिये चार स्तरों वाली वेतन संरचना में सुधार की जरूरत बताई गई है जिसके चलते अमेरिकी कर्मचारी की जगह भारत जैसे देशों से आए लोगों को कंपनियां रख लेती हैं।

श्रम मंत्रालय ने दो वरिष्ठ सांसदों-चक ग्र्रैसले और डिक डर्बिन को लिखे पत्र में कहा है, कानून में बदलाव के बगैर अधिकारी चार स्तरों वाली वेतन संरचना का फायदा उठाने से कंपनियों को नहीं रोक सकते। ये कंपनियां अपने फायदे के लिए उच्च वेतनमान वाला कार्य उसी पद के निम्न वेतनमान वाले कर्मी से कराकर अपना लाभ बढ़ाती हैं।

कंपनियों को कम वेतनमान वाले कर्मी भारत जैसे देशों में आसानी से मिल जाते हैं। ये कर्मी एच-1 बी वीजा के जरिये अमेरिका आते हैं। श्रम मंत्रालय के कार्यकारी सचिव एडवर्ड सी हगलर के लिखे पत्र में कहा गया है कि अमेरिकी कर्मियों के हितों पर चोट करने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कुछ अन्य कानूनी बदलाव भी जरूरी हैं।

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ये कंपनियां एच-1 बी वीजा नियमों का फायदा उठाकर अपने ज्यादातर कर्मी गैर अमेरिकी रखते हैं। अमेरिका में कार्यरत ये कंपनियां अमेरिकी और अन्य देशों की हैं।

श्रम मंत्रालय के इस पत्र को सार्वजनिक करते हुए सांसद ग्रैसले और डर्बिन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, एच-1 बी वीजा से जुड़ी खामियों को जल्द दूर किये जाने की जरूरत है जिससे हजारों परिश्रमी अमेरिकियों के हितों पर कुठाराघात रोका जा सके।

 

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