इराक से पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश को मारने अमेरिका पहुंचा एक शख्स, मामला जानकर सभी हो गए हैरान…

इराक युद्ध में अपने देश के मारे गए लोगों की मौत का बदला लेने के लिए एक शख्स गुस्से में पागल हो गया. वह अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश को मारने के लिए अमेरिका तक जा पहुंचा. अब इसका खुलासा हुआ है. कोलंबस में संघीय अदालत में दायर एक आपराधिक शिकायत के अनुसार, 52 वर्षीय शिहाब अहमद ने साजिश को अंजाम देने में मदद के लिए अन्य इराकियों को भी मेक्सिको के रास्ते अमेरिका बुलाया था और उसी रास्ते वापस भेज दिया था. शिकायत में कहा गया है कि शिहाब ने यह संकेत दिया कि उसके इस्लामिक स्टेट संगठन के साथ संपर्क थे, लेकिन ऐसा प्रतीत नहीं होता कि साजिश को अमल में लाया जा सका
आरोपी नहीं करेगा याचिका दर्ज
अदालत में सुनवाई के दौरान संघीय मजिस्ट्रेट न्यायाधीश एलिजाबेथ प्रिस्टन डीवर्स ने शिहाब पर कोई मुचलका नहीं लगाया. मामले में अब अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी. शिहाब को याचिका दायर करने की जरूरत नहीं है. सुनवाई में शिहाब की ओर से पेश हुए संघीय सरकारी वकील सौम्यजीत दत्ता ने इस बारे में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.
30 साल तक की हो सकती है सजा
दोषी पाए जाने पर शिहाब को 30 साल तक की जेल और 5 लाख डॉलर के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है. जॉर्ज डब्ल्यू बुश प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी एवं म्यूजियम में टिप्पणी के लिए एक संदेश भेजा गया है. सरकार ने कहा कि शिहाब कोलंबस और उसके आसपास के रेस्तरां में काम करता था और उसने इंडियानापोलिस के एक बाजार में भी काम किया, जहां उसका एक अपार्टमेंट था.
अमेरिकी सैनिकों की हत्या में भी की थी मदद
शिकायत में कहा गया है कि शिहाब ने एक विश्वसनीय मुखबिर को बताया कि उसने इराक युद्ध के दौरान अमेरिकी सैनिकों की हत्या में सहायता की और कहा कि वह पूर्व राष्ट्रपति बुश को मारना चाहते था, क्योंकि उन्हें लगता था कि वह (बुश) कई इराकियों को मारने और पूरे इराक को तोड़ने के लिए जिम्मेदार थे. सरकार ने कहा कि शिहाब ने फरवरी में डलास की यात्रा की, जहां उन्होंने उस जगह के प्रवेश द्वार का वीडियो बनाया, जहां बुश रहते थे और नवंबर में अमेरिका में इराकी नागरिकों (Iraqi citizens) की तस्करी की पड़ताल के लिए डेट्रॉइट भी गया.





