ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे को लेकर अपनी आपत्ति याचिका दायर करने के लिए मुस्लिम पक्ष ने कोर्ट से मांगा दो दिन का समय

उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित ज्ञानवापी मस्जिद के सर्वे को लेकर अपनी आपत्ति याचिका दायर करने के लिए मुस्लिम पक्ष ने कोर्ट से दो दिन का समय मांगा है. मुस्लिम पक्ष का कहना है कि वकील बुधवार को हड़ताल पर हैं, इसलिए उन्हें आपत्ति याचिका के लिए दो दिन का समय दिया जाए. इसके साथ ही उन्होंने अपने प्रार्थना पत्र में कोर्ट कमिश्नर का भी हवाला दिया है, जिन्हें अपनी रिपोर्ट दायर करने के लिए वाराणसी कोर्ट ने दो दिन का अतिरिक्त समय दिया था.

दरअसल ज्ञानवापी मस्जिद मामले पर वाराणसी कोर्ट में आज सुनवाई होनी है. सिविल जज सीनियर डिविजन रवि कुमार दिवाकर की अदालत में आज वादिनी महिला की आपत्ति और शासकीय अधिवक्ता के प्रार्थना पत्र सुनवाई के लिए लिस्टेड है. हालांकि वाराणसी के तमाम वकील आज हड़ताल पर हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि कोर्ट में इस मामले पर आज सुनवाई नहीं हो सकेगी और अदालत इसके लिए अगली तारीख दे सकती है.

हिन्दू पक्ष के वकीलों ने हड़ताल से मांगी छूट
हालांकि हिंदू पक्ष के वकीलों ने ज्ञानवापी केस की महत्ता का हवाला देते हुए बार काउंसिल से इस केस में वकीलों को शामिल होने की इजाजत देने की मांग की है. इस केस में हिन्दू पक्ष की पैरवी कर रहे वकील मदन मोहन यादव ने कहा, ‘बार एसोसिएशन के अध्यक्ष से अनुमति मांगी है कि इस विशेष प्रकरण में तो सुनवाई चलने दे. अध्यक्ष ने मौखिक रूप से इस पर विचार करने का आश्वासन दिया. अब फैसला उनके ऊपर है.’

वहीं बनारस बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष मुन्ना लाल यादव के अनुसार हिंदू पक्ष के पत्र का संज्ञान लेकर 1:30 बजे एसोसिएशन की मीटिंग बुलाई गई. यदि मीटिंग में सर्वसम्मति बनती है तो ज्ञानवापी केस के लिए वकीलों को विशेष अनुमति दी जा सकती है.

ऐसे में अगर संगठन की ओर से इजाजत मिल जाती है तो इस मामले में आज ही सुनवाई हो सकती है. इसलिए मुस्लिम पक्ष की ओर से इस मामले में अपनी आपत्ति दर्ज कराने के लिए दो दिन की मांग की गई है.

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