आर्थिक संकट का सामना कर रहे श्रीलंका में तेज हुआ सरकार विरोधी प्रदर्शन

आर्थिक संकट का सामना कर रहे भारत के पड़ोसी देश श्रीलंका में अब सरकार विरोधी प्रदर्शन तेज हो गए हैं. राष्ट्रपति सचिवालय के बाहर मुख्य समुद्री तट पर डटे प्रदर्शनकारियों ने अब अपना विरोध-प्रदर्शन प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के कार्यालय तक बढ़ा दिया है, क्योंकि उन्होंने राजपक्षे परिवार के नेतृत्व वाली सरकार को सत्ता से हटाने की मांग तेज कर दी है.

राष्ट्रपति सचिवालय के सामने सड़क पर जारी विरोध-प्रदर्शन मंगलवार को 18वें दिन में प्रवेश कर गया, जिसके तहत राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे और उनके 76 वर्षीय बड़े भाई प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के इस्तीफे की मांग की जा रही है.

प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति सचिवालय के बाहर ‘गोटा अपने गांव जाओ’ शिविर स्थापित किया है. अब विरोध को गति देने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के कार्यालय सह आवास ‘टेंपल ट्रीज’ के पास ‘महिंदा अपने गांव जाओ’ शिविर बनाया है.

इससे पहले, कोलंबो मजिस्ट्रेट अदालत ने ‘विरोध-प्रदर्शन’ के पास विरोध-प्रदर्शन पर रोक लगाने के लिए पुलिस आदेश जारी करने से इनकार कर दिया था. राजपक्षे परिवार पर विदेशी मुद्रा संकट से गलत तरीके से निपटने के चलते इस्तीफा देने का दबाव है, जिसने द्वीपीय देश को उसके सबसे बुरे आर्थिक संकट में डाल दिया.

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