केदारनाथ में सीएम धामी ने जाना श्रमिकों का हालचाल, मस्या को दूर करने के दिए निर्देश…

मुख्यमंत्री ने  केदारनाथ धाम में पूर्ण हो चुके सरस्वती आस्था पथ का निरीक्षण किया। निर्माणाधीन  मंदाकिनी आस्था पथ को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।  केदारनाथ परिसर के आस-पास हो रहे पहाड़ी शैली में भवनों के निर्माण कार्यों की जानकारी ली।  मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदार घाटी के निर्माण में अहम योगदान दे रहे श्रमिकों का हालचाल जाना एवं उनकी हर समस्या को दूर करने के निर्देश दिए।

उन्होंने श्रमिकों से वार्ता कर निर्माण कार्यों में आ रही समस्याओं को जाना।  सीएम ने मंदिर परिसर के आसपास  मुख्य मार्ग में अस्त-व्यस्त पड़े मलबे, निर्माणाधीन सामग्री को हटाए जाने के निर्देश दिए।  उन्होंने बर्फ पिघलने के साथ ही निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ तेजी लाने के निर्देश दिए। 

पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने मुख्यमंत्री  को अवगत करवाया कि मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा अनुसार प्रवेश द्वार बनाया जाएगा। साथ ही बरसात के दौरान यात्रियों की सुविधा अनुसार ड्रेनेज सिस्टम को विकसित किया जाएगा। बताया कि वर्तमान में केदारनाथ धाम के निर्माण हेतु करीब 700 श्रमिक कार्यरत हैं।

उन्होंने बताया  केदारघाटी में ब्रह्म कमल वाटर पार्क का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने केदारनाथ ट्रैक की जानकारी लेते हुए यात्रियों की सुविधा अनुसार विभिन्न जगहों पर ठहरने, पानी एवं बरसात के दौरान रैन सेटर के निर्माण कार्यों में गति लाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने मंदाकिनी एवं सरस्वती नदी के किनारे सुरक्षा दीवार के साथ रेलिंग के निर्माण कराए जाने की बात कही।

साथ ही उन्होंने वासुकी ताल ट्रैक को विकसित किए जाने से संबंधित जानकारी लेते हुए इसमें शीघ्र कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने केदार घाटी का निर्माण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों अनुसार किए जाने की बात कही। इस दौरान विधायक शैला रानी रावत, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, उपजिलाधिकारी योगेंद्र सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छह मई को केदारनाथ के कपाट खुलने पर आ सकते हैं। केदारनाथ पुनर्निर्माण प्रधानमंत्री मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल हैं। इस समय वहां दूसरे चरण के निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। मोदी बाबा केदार के दर्शन के बाद पुनर्निर्माण कार्यों का जायजा भी लेंगे।

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