कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए सीएम योगी ने तैयार किया ये खास प्लान…

कानून-व्यवस्था को और चुस्त-दुरुस्त बनाने के साथ ही आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जवानों के विशेष प्रशिक्षण के साथ ही पुलिसिंग में तकनीक के अधिक से अधिक समावेश का निर्देश दिया है। मंत्री परिषद के समक्ष हुए गृह विभाग के प्रस्तुतीकरण के दौरान मुख्यमंत्री का फोकस पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण पर रहा। इस दौरान बताया गया कि बीते पांच वर्षों में माफिया व अपराधियों के विरुद्ध अभियान के तहत की गई कार्रवाई में उनकी 2081 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) की विवेचना व व्यवसायिक दक्षता बढ़ाने के लिए उनके अधिकारियों व जवानों को देश के विभिन्न संस्थानों के साथ ही एफबीआइ व होम लैंड सिक्योरिटी जैसी एजेंसियों के साथ विदेश में भी प्रशिक्षण दिलाने का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि पुलिस सुधार के लिए सभी अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण बहुत महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षण संस्थानो में वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की जाए।

मुख्यमंत्री ने एटीएस के स्पेशल पुलिस आपरेशन टीम (स्पाट) की नई टीम के लिए अगले 100 दिन में ऊर्जावान, दक्ष व समर्पित जवानों को चयनित कर उन्हें केंद्रीय पुलिस बल और भारतीय सेना के सहयोग से प्रशिक्षण दिलाये जाने का निर्देश भी दिया। कहा कि उन्हें स्नाइपर ट्रेनिंग भी दिलाई जाए और जवानों का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए विशेष एडवेंचर कोर्स भी कराया जाये।

उन्होंने कहा कि पुरुष टीम की भांति महिला कमांडो की एक दक्ष टीम भी बनाई जाए और महिला पुलिसकर्मियों की संख्या दोगुना किये जाने के लिए ठोस प्रयास किये जायें। रामपुर में एटीएस कमांडो ट्रेनिंग सेंटर के लिए भूमि का चयन कर आगे की कार्यवाही जल्द पूरी कराये जाने का निर्देश भी दिया।

सीएम योगी ने कहा कि एंटी ड्रोन अटैक सिस्टम व ड्रोन फोरेंसिक के क्षेत्र में तकनीकी विकास की आवश्यकता है। यूपी एटीएस पुलिस स्टेशन की स्थापना भी की जाए। जांच की व्यवस्था को और सु²ढ़ करने के लिए उन्होंने सीबीआइ की तर्ज पर यूपी स्पेशल पुलिस स्टेब्लिशमेंट एक्ट बनाये जाने का निर्देश भी दिया। इसके अलावा आने वाले 100 दिनों में अयोध्या में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की इकाई गठित किये जाने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने यूपी 112 के रिस्पांस टाइम को और कम करके 10 मिनट तक लाने का प्रयास करने का निर्देश भी दिया। जालौन, मिर्जापुर व बलरामपुर में एक-एक नई महिला पीएसी बटालियन के गठन का प्रस्ताव तैयार किये जाने का निर्देश भी दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था में फुट पेट्रोलिंग का बड़ा महत्व है। पुलिसकर्मी रोजाना फुट पेट्रोलिंग करें और इसके लिए एक पोर्टल भी विकसित किया जाये, जहां फुट पेट्रोलिंग का पूरा विवरण दर्ज हो। उन्होंने डाटा एनालिटिक्स के लिए आइआइटी कानपुर की मदद से टूल विकसित किये जाने का निर्देश भी दिया। कहा कि सीसीटीवी कैमरों में वीडियो एनालिटिक्स व मैनेजमेंट तकनीक को भी शामिल किया जाये।

यह भी दिये निर्देश

  • देवबंद, बहराइच, अलीगढ़, कानपुर, बहराइच सहित जिन अन्य जिलों में एटीएस की नई फील्ड यूनिट गठित की जा रही हैं, वहां आवश्यक मानव संसाधन, भवन व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जायें।
  • सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे व तीन हजार और पिंक बूथ की स्थापना के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट ग्रुप नियुक्त किया जाए।
  • धार्मिक स्थलों के पास भी पिंक बूथ बनाए जाएं।
  • हर महिला बीट सिपाही को स्कूटी उपलब्ध कराई जाये।
  • सहारनपुर, मथुरा, प्रयागराज व मेरठ में भी उप्र विशेष सुरक्षा बल (यूपीएसएसएफ) एक-एक बटालिन गठित की जाये।
  • सीतापुर में स्थापित पीएसी की तीन वाहिनियों में से एक अयोध्या तथा मुरादाबाद की एक पीएसी वाहिनी संभल में तैनात की जाये।
  • लखनऊ में डिजिटल फोरेंसिक लैब व हर रेंज में साइबर फोरेंसिक लैब की स्थापना हो।
  • साइबर थानों में कार्यरत पुलिसकर्मियों को फोरेंसिक प्रशिक्षण दिलाया जाये।

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