चीन में कोरोना एक बार फिर तबाही की ओर, खाने-पीने के पड़े लाले…

चीन में कोरोना वायरस से हालात एक बार फिर से खराब हो रहे हैं. यहां के सबसे बड़े शहर और आर्थिक राजधानी शंघाई में बीते 24 घंटे में कोविड-19 के करीब 20 हजार नये मामले सामने आए हैं. यह लगातार छठा दिन है जब शंघाई में कोरोना वायरस संक्रमण के 20 हजार नये मामले सामने आए हैं. ऐसे में शंघाई अब कोरोना का एपिसेंटर बनता जा रहा है. शंघाई में कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट का संक्रमण तेजी से फैल रहा है, जिसके मद्देनजर बड़ी संख्या में जांच की जा रही है.

चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने बताया कि शंघाई में 322 सहित देश में स्थानीय स्तर पर फैले संक्रमण के 1,284 नये मामले सामने आए. राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के मुताबिक बुधवार को देश में कोविड-19 के 21,784 नये मामले सामने आए, जिसमें से 19,660 मामले केवल शंघाई में ही सामने आए.

करीब 2.6 करोड़ की आबादी वाले शंघाई में कई दिनों से लोगों को लॉकडाउन समेत अन्य कोविड-19 संबंधी पाबंदियों का पालन करना पड़ रहा है. शंघाई में तीन बार व्यापक स्तर पर लोगों की जांच की जा चुकी है. चीन महामारी की शुरुआत के बाद से कोविड-19 की सबसे भयावह लहर का सामना कर रहा है.

शंघाई में खाने-पीने की दिक्कत
शंघाई शहर कोरोना का बड़ा प्रकोप झेल रहा है. यहां लोगों को खाने की भी दिक्कत हो रही है. लॉकडाउन की वजह से लोग अपने घरों तक सीमित हो गए हैं. चीनी सरकार ने भी माना है कि हालात सुधारने में उन्हें बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है.

सरकारी दावों के बीच जमीन पर लोग सब्जी, मीट, चावल जैसे खाद्य पदार्थों के लिए भी तरस गए हैं. आरोप लग रहे हैं कि सरकार सिर्फ खोखले वादे कर रही है, लेकिन जमीन पर कोई भी मदद नहीं कर रहा है.
कोरोना पॉजिटिव बच्चे को मां-पिता से किया जा रहा दूर
कुछ कठोर उपायों की वजह से जनता में भी रोष है. वहां अगर बच्चा कोरोना पॉजिटिव होता है तो उसे मां बाप से दूर कर दिया जाता है. इसी तरह प्रशासन ने साथ में न सोने और किस न करने का भी फरमान जारी किया है.

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