गांव देहात में रोशनी के लिए लगाई जा रहीं एलईडी लाइट की गुणवत्ता का अब होगा सत्यापन, जियो टैगिंंग से रुकेगी डुप्लीकेसी

गांव देहात में रोशनी के लिए लगाई जा रहीं एलईडी लाइट की गुणवत्ता का अब सत्यापन होगा। दैनिक जागरण के गुरुवार के अंक में खबर प्रकाशित होने के बाद शुक्रवार को सीडीओ अंकित खंडेलवाल ने इसके लिए आदेश जारी कर दिया गया है। एडीओ पंचायत व बिजली विभाग के अवर अभियंता को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पांच मार्च तक इन्हें रिपोर्ट देनी है। डुप्लीकेशी रोकने के लिए जियो टैगिंग होगी। वहीं, सभी ग्राम पंचायतों को इन लाइट के लिए बिजली कनेक्शन लेना होगा। बिजली बिल व मेंटीनेंस (गारंटी अवधि के बाद) का भुगतान ग्राम निधि से होगा।

पंचायतों में लगने लगी लाइट
जिले में कुल 867 ग्राम पंचायतें हैं। इन सभी पंचायतों में विकास कार्यों के लिए राज्य व केंद्र सरकार अलग-अलग बजट जारी करती है। इसी बजट सड़क, नाली, खड़ंजा समेत अन्य विकास कार्य कराए जाते हैं। पिछले दिनों शासन स्तर से जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत के साथ ही ग्राम पंचायतों से भी गांव-देहात में एलईडी लाइट लगाने के निर्देश दिए हैं। पंचायतों में लाइट लगाने की शुरुआत हो गई, लेकिन कुछ पंचायतों में घालमेल भी चल रहा है। अकराबाद ब्लाक की दुभिया पंचायत में बिना टेंडर ही लाइट लगा दी गईं। इनकी गुणवत्ता भी ठीक नहीं हैं। ऐसे में अब सीडीओ ने इसके लिए सख्त रुख अपनाया है। सभी ग्राम पंचायतों में एलईडी लाइट के सत्यापन के निर्देश दिए हैं। जेई व एडीओ को जांच की जिम्मेदारी दी है। यह पंचायतों में शासनादेश के हिसाब से गुणवत्ता, दूरी, दर, जियो टैगिंग, स्टाक रजिस्टर गारंटी की बिंदु वार जांच करेंगी। सीडीओ ने बताया कि सत्यापन रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। किसी भी कीमत पर नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं होगा।
लेना होगा कनेक्शन
एलईडी लाइट के लिए सभी पंचायतों को बिजली का कनेक्शन लेना होगा। इसके बाद बिजली बिल का भुगतान भी ग्राम निधि से हाेगा। गारंटी के समय तक मेंटीनेंस संबंधित कंपनी करेगी, लेकिन इसके बाद खर्च पंचायत उठाएगी।
शासन से इस तरह तय हैं नियम
दो पाले की दूरी, एलईडी की वाटेज, दर
30 मीटर से कम, 18 वाट, 3199
30 मीटर, 24 वाट, 3385
50 मीटर, 35 वाट, 3482
75 मीटर, 45 वाट, 3871
इन कंपनियों की लग सकेंगी लाइट
बजाज, सिस्का, क्राम्प्टन, ओरिएंट, विप्रो, फिलिप्स, हैवेल्स, पैनासोनिक, सूर्या, एवरेडी मेक , पालीकैब इंडिया, एचपीएल शामिल हैं।





