अलीगढ़ की रोडवेज बस में फिर लगी आग यात्रियों ने कूद कर बचाई अपनी जान, तीन दिन में दूसरी बढ़ी घटना…

अलीगढ़ परिवहन निगम की बसों मे आग की घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। गुरुवार को रोडवेज बस में फिर आग लग गई। अकराबाद थाना क्षेत्र में पनेठी गंगीरी रोड पर गांव शाहगढ़ के निकट गुरुवार की तड़के अलीगढ़ से कासगंज की ओर जा रही सबारियों से भरी एक रोडवेज बस में अचानक आग लग गई। जिससे बस में सवार यात्रियों में भगदड़ मच गई और किसी तरह यात्रियों ने बस से कूदकर अपनी जान बचाई है। वहीं आग की लपटों से बस बुरी तरह जल गई है। किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है।

मथुरा में भी लगी थी रोडवेज बस में आग
मथुरा के पुराने बस स्टैंड पर सोमवार की शाम यात्रियों से भरी अलीगढ़ डिपो की अनुबंधित बस में आग लग गई थी। भगदड़ के दौरान कुछ यात्री शीशा तोड़कर बाहर कूदे। कई यात्री चोटिल हुए। इस आपाधापी में खिड़की से बाहर निकलने का प्रयास कर रहा एक यात्री जिंदा जल गया। बताया गया कि बस में ज्वलनशील पदार्थ रखे होने से आग भड़की है। इलेक्ट्रिक वायर में हुई स्पार्किंग आग लगने की वजह बताई जा रही है। सुरक्षा मानकों के अनुसार बसों में ज्वलनशील पदार्थ नहीं रखा जा सकता। इलेक्ट्रिक वायर खुला होना भी मानकों के विपरीत है। आपातकालीन खिड़की आसानी से न खुलना अनदेखी का परिणाम है। अलीगढ़ से संचालित बसों के हालात देखें तो लापरवाही साफ नजर आती है। जर्जर बसें सड़कों पर दौड़ाई जा रही हैं। बस का कोई हिस्सा क्षतिग्रस्त भी है तो बदला नहीं जाता। डिपो के बाहर निकलने से पहले बसों की जांच हाेना जरूरी है। विभागीय अफसर ये भी नहीं करा पा रहे। गांधीपार्क बस स्टैंड पर मंगलवार को खड़ीं रोडवेज बसों में किसी की सीट फटी हुई थी तो किसी में इलेक्ट्रिक वायर खुले पड़े थे। फस्र्ट एड बाक्स में इंजन आयल रखा मिला। कुछ बसें ऐसी थीं, जिनमें अग्निशमन यंत्र ही नहीं थे। दो-तीन बसों में मिले भी पर इनके सिलेंडर खाली थे। इन सिलेंडरों में कार्बन डाइआक्साइड गैस होती है, जो आग को बुझाने का काम करती है। ऐसी स्थिति में बस में आग लग जाए तो दमकल का ही इंतजार करना पड़ेगा।





