महाराष्ट्र में एक व्यक्ति ने अपनी किडनी देकर बचाई पुत्र वधू की जान….

महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले के जालना में एक व्यक्ति ने अपनी किडनी देकर अपनी पुत्र वधू की जान बचा ली। 25 वर्षीय महिला की किडनी खराब हो गई थी। मेडिकवर अस्पताल के डाक्टरों की मदद से उसके ससुर ने किडनी देकर उसे नया जीवन प्रदान किया। छह महीने पहले महिला की किडनी फेल होने का पता चला। पेशाब बंद हो गया और पूरा शरीर सूज गया। लार में बार-बार रक्त आने लगा। सेंटर प्रमुख नेहा जैन ने कहा कि कई मामलों में ऐसे रोगी में किडनी प्रत्यारोपण चुनौतीपूर्ण होता है। महिला को आइसीयू में डायलिसिस की जरूरत थी। किडनी विशेषज्ञ सचिन सोनी ने किडनी प्रत्यारोपण की सलाह दी थी। दान करने वाले के अभाव में सर्जरी स्थगित कर दी गई। इस हालत में महिला के ससुर किडनी दान करने के लिए आगे आए। यहां भी एक चुनौती आ खड़ी हुई। ससुर का ब्लड ग्रुप बी पाजिटिव था, जबकि महिला ओ पाजिटिव थी। दूसरे दानकर्ता के अभाव में दिसंबर में अस्पताल की प्रत्यारोपण टीम ने एबीओ असंगत किडनी प्रत्यारोपण करने का फैसला लिया। रोगी के कोविड-19 संक्रमित होने के कारण उसके ठीक होने के बाद दो फरवरी को सर्जरी की गई।

ये हैं किडनी खराब होने के संकेत

-यूरिन करने की मात्रा और समय में बदलाव आनाः किडनी के बीमारी के प्रथम अवस्था में यूरिन की मात्रा और होने के समय में बदलाव आने लगे या आपको यूरिन कम आने लगे, तो इसका सीधा संबंध आपकी किडनी की कार्यक्षमता से हो सकता है।

-अगर आपके शरीर का वजन अचानक बढ़ने लगे, शरीर में सूजन रहने लगे तो आपको सावधान हो जाना चाहिए, यह किडनी खराब होने का संकेत हो सकता है।

-अगर आपके शरीर में हीमोग्लोबिन कम बनने लगे, जिस वजह से आप एनीमिया के शिकार हो गए हो। तब इसका संबंध आपकी किडनी खराब होने से हो सकता है।

-यूरिन का रंग बदल जाना: यूरिन का रंग गाढ़ा हो जाना या रंग में बदलाव आना।

-बार-बार यूरिन आने का अहसास होना। जब आपको बार-बार यूरिन होने का एहसास होने लगे मगर करने पर नहीं होना खराब किडनी की तरफ इशारा करता है।

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