कांग्रेस ने सुनील जाखड़ को इसलिए सीएम नहीं बनाया, क्योंकि वह हिंदू हैं: गजेंद्र सिंह शेखावत

 Punjab Election 2022: केंद्रीय जलशक्ति मंत्री व पंजाब में भाजपा के चुनाव प्रभारी गजेंद्र सिंह शेखावत ने कांग्रेस पर समाज को जाति और धर्म के नाम पर बांटने का आरोप लगाया है। शेखावत का कहना है, भाजपा ने अपनी कल्याणकारी योजनाओं को कभी जाति या धर्म में बांट कर नहीं लागू किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि गरीबों को घर मिलेगा, गरीबों को गैस चूल्हा मिलेगा, नल मिलेगा या बिजली मिलेगी तब किसी की जाति या धर्म को नहीं पूछा गया। इसके विपरीत कांग्रेस ने न सिर्फ समाज को बांटने का काम किया बल्कि हिंदुओं और मुस्लिमों को अपने लाभ के लिए बांटने की कोशिश की। सिखों और हिंदुओं को भी बांटने का भी षड्यंत्र किया गया। यही कारण है कि भाजपा ने पंजाब में अकाली दल का छोटा भाई होना स्वीकार किया। पंजाब के मुद्दों को लेकर हमारे विशेष संवाददाता ने गजेंद्र शेखावत से विशेष बातचीत की। पेश है मुख्य अंश:-

पंजाब में सबसे गंभीर मुद्दा किसे मान रहे हैैं

मुद्दे कई हैैं, लेकिन तीन माह में जो मैंने देखा और समझा उसे बताने में मुझे कोई हिचक नहीं है। जिन लोगों को यह लगता है कि पंजाब की अर्थव्यवस्था कृषि या इंडस्ट्री से चल रही है, वह गलत सोच रहे हैं। पंजाब की अर्थ व्यवस्था को माफिया चला रहे हैं। इंडस्ट्री निगेटिव ग्रोथ में है, बेरोजगारी के कारण युवा विदेश जा रहे हैं। पंजाब की सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द सबसे बड़ा मुद्दा है।

माफिया की बात सब करते हैं लेकिन होता कुछ नहीं है

हंसते हुए…  2017 में यही सवाल उत्तर प्रदेश में भी उठते थे। मेरे से ही सवाल पूछे जाते थे राजनेता, ब्यूरोक्रेसी और अपराधियों का गठजोड़ हो गया है। जो उत्तर प्रदेश कभी अपराधियों की पनाहगाह थी आज या तो वो अपराधी ऊपर जा चुके हैं या सलाखों के पीछे हैं। जो उत्तर प्रदेश पहले अपराधियों का गढ़ था, वहां का औद्योगिकीकरण देख लीजिए। अगर राजनीतिक इच्छा शक्ति हो तो क्या नहीं हो सकता है। पंजाब में भी आज उसी राजनीतिक इच्छा शक्ति की आवश्यकता है।

कांग्रेस तो हमेशा ही भाजपा पर ध्रुवीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाती है

ध्रुवीकरण… सुनील जाखड़ ने सक्रिय राजनीति को छोड़ने का फैसला किया क्योंकि वह हिंदू थे। उन्हें मुख्यमंत्री इसलिए नहीं बनाया गया क्योंकि वह हिंदू थे। कांग्रेस ने हमेशा ही तुष्टिकरण की राजनीति की है। आज पूरे देश के सामने कांग्रेस की सच्चाई आ चुकी है। अगड़ी-पिछड़ी, धर्म-जाति, गरीब-अमीर की राजनीतिक किसने की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब कहा कि गरीबों को मकान देना है तो उन्होंने कभी जाति या धर्म नहीं पूछा। गैस चूल्हा हो या नल। भाजपा ने कभी जाति या धर्म नहीं पूछा। आज यह बात किसी से नहीं छुपी है कि हिंदू और मुसलमानों को कांग्रेस ने अपने लाभ के लिए बांटने की कोशिश की।

प्रधानमंत्री भी कह रहे हैं कि अकाली दल के साथ अब समझौता नहीं हो सकता। यह मन भेद है या राजनीतिक भेद

न तो मन भेद है और न ही राजनीतिक भेद। वह राजनीतिक नहीं बल्कि समाजिक सौहार्द का समझौता था। हम 23 सीटों पर लड़ते थे लेकिन हमारा संगठन 117 सीटों पर काम करता था। आज बड़ी संख्या में सिख भाजपा में आ रहा है। क्योंकि भाजपा सबका साथ सबका विकास पर भरोसा करती है। अब समझौते वापस नहीं होंगे।

फिर भी भाजपा को अल्पसंख्यक विरोधी माना जाता है

किसकी बात कर रहे हैं, जिन्होंने समाज को बांटने का काम किया, जिन्होंने सिखों का नरसंहार किया। नरसंहार करने वालों को उच्च पदों पर आसीन किया। उन्हें विधायक और सांसद के टिकट दिए। वहीं माकन हो गए और वहीं सज्जन कुमार। हम वह लोग हैैंं, जिन्होंने ऐसे लोगों को सलाखों के पीछे भेजने का काम किया।

Back to top button