मेजर जनरल विक्रम सिंह शेखों ने संभाली जम्मू जिले के अखनूर में सेना की क्रासड स्वार्डस डिवीजन की कमान

मेजर जनरल विक्रम सिंह शेखों ने वीरवार को जम्मू जिले के अखनूर में सेना की क्रासड स्वार्डस डिवीजन की कमान संभाल ली।

सेना की उत्तरी कमान की सोलह काेर की यह अहम डिवीजन जम्मू जिले के अखनूर से राजौरी जिले के नौशहरा तक नियंत्रण रेखा की सुरक्षा का जिम्मा संभाल रही है। अखनूर डिव इस समय कड़ी सर्तकता से सीमा पार से घुसपैठ करवाने के साथ ड्रोन से नशीले पदार्थ व हथियार भेजने की साजिशों को नकार रही है। वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भले ही इस समय पाकिस्तान की ओर से गोलीबारी न की जा रही हो लेकिन सीमा पार आतंकवाद को शह देने का बुनियादी ढांचा बरकरार है।

वीरवार को अखनूर स्थित क्रासड स्वार्डस डिवीजन मुख्यालय में मेजर जनरल विक्रम सिंह ने मेजर जनरल राजीव गढिहोक से जीओसी की कमान संभाल ली। इसके बाद उन्होंने अखनूर वार मेमोरियल में उन सैनिकों को सलामी दी जिन्होनें पाकिस्तान से लड़े गए युद्धों व आतंकवाद विरोधी अभियानों में बलिदान दिया है। डिव की कमान संभालने के बाद नए जीओसी ने अधिकारियों व जवानों को वीरता की अपनी परंपरा को बरकरार रखने के लिए कहा। उन्होंने दुश्मन की हर साजिश का डटकर मुकाबला करने के लिए कहा। आतंकवाद विरोधी अभियानों व सीमा रक्षण में खासा अनुभव रखने वाले मेजर जनरल विक्रम सिंह शेखों सेना की जम्मू कश्मीर राइफल्स के अधिकारी हैं।

अखनूर डिवीजन पाकिस्तान से लाेहा लेने के लिए हमेशा आगे रहने वाली सेना की महत्वपूर्ण सैन्य डिवीजनों में से एक है। पूर्व थलसेना अध्यक्ष जनरल बिक्रम सिंह भी इस डिव की कमान कर चुके हैं। अखनूर डिवीजन का गठन 1 अप्रैल 1965 काे हुआ था। इस डिवीजन के अधिकारियों व जवानों ने वर्ष 1965 व 1971 के भारत पाकिस्तान युद्धाें के दौरान असाधारण वीरता का परिचय दिया था। यह डिवीजन सीमा की रक्षा करने के साथ सीमांत वासियों की सहायता करने में भी आगे रहती है।  

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