BALARAMPUR NEWS: एक क्लिक में पढ़ें बलरामपुर की हर बड़ी खबर

सदर विधायक पल्टूराम व उतरौला विधायक राम प्रताप वर्मा ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात

बलरामपुर  । बलरामपुर जनपद में विभिन्न समस्याओं व लम्बित कार्यो को लेकर सदर विधायक पल्टूराम व उतरौला विधायक राम प्रताप वर्मा ने प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी से उनके निवास पर मुलाकात की और विस्तार से अपनी बात रखने के साथ ही बेलहा-इटवा-गौरा मार्ग को स्टेट हाईवे घोषित करने पर धन्यवाद देने के साथ ही अविलंब मार्ग निर्माण शुरू करवाने का अनुरोध भी किया ।
सदर विधायक पल्टूराम ने भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से स्वीकृत के०जी०एम०यू० सेटेलाइट सेंटर/ मेडिकल कालेज के शिलान्यास, महेशभारी-भैसहवा मार्ग के निर्माण, बजाज शुगर फैक्ट्री के गन्ना मूल्य के बकाया भुगतान के लिए, छुट्टा जानवरो से निजात पाने हेतु बलरामपुर विधानसभा क्षेत्र में निर्माणाधीन खुटेहना-कान्हा गौशाला, सेवकराम पुरवा-वृहद गौशाला को अतिशीघ्र निर्माण करके प्रारम्भ करने, फुलवरिया बाईपास पर  ओवरब्रिज बनाने हेतु तथा रिंग रोड के निर्माण हेतु मुख्यमंत्री से बात की। उतरौला विधायक राम प्रताप वर्मा ने में राप्ती नदी के कटान,उतरौला में गौशाला के निर्माण, गन्ना किसानों के बकाया भुगतान सहित अन्य कई समस्याओं को लेकर अपनी बात रखी। जनपदवासियों, पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने विधायकों के इस कदम की सराहना व प्रंशसा व्यक्त की है।
कोविड-19 से बचाव के प्रोटोकोल के साथ काम करने को दिया गया प्रशिक्षण

बलरामपुर । बलरामपुर  में कोरोना वायरस या कोविड-19 के दौर में भी मातृ स्वास्थ्य, शिशु प्रजनन व पोषण संबंधी स्वास्थ्य सेवाओं को समुदाय तक पहुंचाने के साथ ही इस आपदा से निपटने को लेकर लोगों को जागरूक करने में जुटीं फ्रंटलाइन वर्कर, आशा संगिनी व एएनएम के लिए जिले में एक वर्चुअल कार्यशाला का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में हुई इस कार्यशाला में यूनिसेफ, उत्तर प्रदेश तकनीकी सहयोग इकाई (यूपीटीएसयू) व सेंटर फोर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफार) सहयोगी की भूमिका में थे। कार्यशाला में फ्रंटलाइन वर्कर्स को वर्तमान चुनौतियों से निपटने के गुर सिखाये गए।
शुक्रवार को जिले में फ्रंटलाइन वर्कर के साथ कोविड 19 एवं आरएमएनसीएच व पोषण सेवाओं संबंधी संचार चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए बीसीसी कार्ययोजना बनाने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिले में आयोजित इस संचार संवाद कार्यशाला का शुभारंभ प्रभारी जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी अरविंद मिश्रा ने सभी का स्वागत और परिचय के साथ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. अरूण कुमार ने आशा, आशा संगिनी और एएनएम को कोरोना काल में स्वास्थ्य सेवाओं का महत्व समझाते हुए कहा कि हमारे फ्रंटलाइन वर्कर स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ है जिनकी वजह से हमारी स्वास्थ्य सेवाएं और योजनाओं की जानकारी समुदाय तक पहुंच रही है। ऐसे में आवश्यक है कि हम कोरोना काल में कैसे अपने को सुरक्षित रखते हुए समुदाय के स्वास्थ्य और उन तक पहुंचने वाली सेवाओं का ध्यान रखें।

यूपीटीएसयू की संचार विशेषज्ञ ने बताया कि कोरोना के दौरान ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस (वीएचएनडी), गृह आधारित नवजात देखभाल (एचबीएनसी), परिवार नियोजन, टीकाकरण सहित सभी स्वास्थ्य सेवाएँ स्थगित कर दी गयीं थीं जिन्हें फिर से नए दिशा निर्देशों के साथ शुरू किया गया है। उन्होंने कहा वीएचएनडी, गृह भ्रमण और एचबीएनसी के दौरान आप सभी को कोविड से बचाव के सभी प्रोटोकोल का पालन करना है। परिवार के सदस्यों को घर से बाहर आवाज देकर बुलाना है और बाहर ही बात करनी है। कन्टेनमेंट जोन में सत्र का आयोजन नहीं करना है। जिन घरों में कम वजन का बच्चा हुआ हो, समय पूर्व बच्चे का जन्म हुआ हो, बच्चा एसएनसीयू से वापस आया है या घर में ही प्रसव हुआ हो उन घरों में एचबीएनसी सेवाओं को प्राथमिकता देनी है।

वेबिनार को सम्बोधित करते हुए यूनिसेफ से दयाशंकर सिंह ने कोविड को लेकर जो भ्रांतियां और भेदभाव हैं, उस पर चर्चा करते हुए कहा कि इनको दूर करने में फ्रंट लाइन वर्कर्स की अहम भूमिका है। वह समाज में इस पर अवश्य चर्चा करें और केवल तथ्यात्मक संदेशों को ही समुदाय तक पहुंचाएं। सीफार की नेशनल प्रोजेक्ट लीड रंजना द्विवेदी ने स्वास्थ्य संचार के महत्त्व को बताते हुए कहा कि कोविड के साथ-साथ प्रजनन, मातृ-शिशु, नवजात, किशोर स्वास्थ्य के अलावा पोषण के स्वास्थ्य संदेशों को समुदाय तक इस तरह पहुँचाना है कि वह इन सेवाओं को लेने के लिए स्वयं आगे आयें।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संचार को रोचक बनाना होगा ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग लाभांवित हो सकें। कार्यक्रम के अंत में आयोजित खुले सत्र में फ्रंट लाइन वर्करों ने विशेषज्ञों से तमाम सवाल जवाब भी किये। पचपेड़वा ब्लाक के ग्राम कोहरगड्डी की एएनएम बबिता प्रजापति ने पूछा कि कोरोना काल के दौरान आयोजित रूटीन टीकाकरण के दौरान जब लाभार्थी आते है तो वे डरे होते है कि कहीं टीकाकरण से उन्हे या बच्चे को कोरोना तो नहीं हो जाएगा, उनके मन से भ्रम कैसे दूर करें। एएनएम ने पूछा कि फैमली प्लानिंग को लेकर जब महिलाओं से बास्केट ऑफ च्वाइस की बात की जाती है तो वे ध्यान से सुनती है लेकिन बाद में निर्णय नहीं ले पाती, उन्हे कैसे मोटीवेट करें। जिसपर यूपीटीएसयू की विशेषग्य ने एएनएम को बताया कि समुदाय को समझाएं की टीकाकरण कोविड 19 की सभी गाइडलाइन का पालन करते हुए किया जा रहा है।

जिससे कोरोना होने का खतरा ना के बराबर है और महिलाओं को परिवार नियोजन के महत्व को बताते हुए उन्हे समझाएं कि बास्केट ऑफ च्वाइस उनके लिए कितना जरूरी है। जिससे वे अपने होने वाले बच्चों के बेहतर भविष्य के सपने को भी आसानी से पूरा कर सकती हैं। कार्यशाला के अंत में डीआईओ डा. अरूण कुमार व डीएचईआईओ अरविंद मिश्रा ने सभी फ्रंटलाइन वर्कर को प्रशिक्षण के दौरान दी गई जानकारी को क्षेत्र में भ्रमण के दौरान अमल में लाने की सलाह दी। इस दौरान जिले के सभी एएनएम, आशा, आशा संगिनी, बीपीएम, बीसीपीएम व एचईओ मौजूद रहे।
लचर विधुत व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों ने जाहिर की नाराजगी

उतरौला- बलरामपुर। बलरामपुर  जिले के उतरौला तहसील क्षेत्र के उतरौला ग्रामीण व उतरौला टाऊन फीडर से अघोषित बिजली कटौती होने से उतरौला बाजार सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली समस्या को लेकर हाहाकार मचा हुआ है।बताते चले कि बिजली कटौती के कारण तमाम लघु उद्योग धंधे बंदी की कगार पर पहुंच गए हैं।रात के समय बिजली कटौती के कारण लोग घर के बाहर निकाल कर सड़क पर रात बिताने को मजबूर हैं।उमस भरी गर्मी में बेतहाशा बिजली कटौती से क्षेत्रीय लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उतरौला नगर वासियों सहित ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों ने बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों से बिजली कटौती में सुधार की मांग की है।इस को लेकर आम जनमानस का कहना है कि यदि बिजली कटौती बंद नहीं की गई तो हम लोग उग्र आंदोलन करने पर विवश होंगे।
जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी।उतरौला नगर के वासी बब्बू  लिक,रिजवान,विनोद,नसीम,पिंटू,दीपक,जुनैद,राजू,आलोक,अमरनाथ,दीपक,सतीश आदि लोगों का कहना है।कि तहसील क्षेत्र में बिजली व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतर चुकी है।लोकल फाल्ट के नाम पर 10 से 12 घंटे की बिजली कटौती की जाती है।उमस भरी गर्मी के बीच बिजली कटौती होने से नगरवासियों का बुरा हाल है।वहीं इस संबंध में जब एस डी ओ उतरौला से जानकारी की गई तो उन्होंने बताया कि बीते दिनों आई तेज़ आँधी व पानी से काफी नुकसान हुआ है।जिस में कही तार तो कही विधुत पोल गिर कर टूट गए है।जिस में सुधार किया जा रहा है।जल्द ही विधुत उपभोक्ताओं को सही तरह से विधुत आपूर्ति बहाल की जाएगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक बलरामपुर डा.चंदन कु पाण्डेय ने स्कूलो के ऑनलाइन अध्यापन का निरीक्षण कर सुझाए उपाय
 
बलरामपुर। लॉकडाउन के चलते बंद पड़े मा स्कूलों में वर्चुअल कक्षाओं के माध्यम से शिक्षा,आनलाइन अध्यापन किया जा रहा है। इसके लिए  माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा प्रत्येक सप्ताह निर्धारित पाठ्यक्रम का टाईम टेबेल भेजा जाता है। उसी के अनुसार स्कूलो से विद्यार्थियों को शिक्षण देने का कार्य शुरु किया गया है। उक्त आशय की जानकारी देते हुये प्रभारी डीआईओएस डा चंदन कुमार पाण्डेय ने बताया कि स्कूलो मे शुरु हुये इस नए अध्यापन विधि मे कई दिक्कतें भी आ रही हैै  इससे निपटने के लिए कार्य किए जा रहे हैँ।
आवश्यकतानुसार जनपद मे 9 नोडल अधिकारियों की तैनाती की गयी है। इनके साथ  गूगल मीट के द्वारा बैठक कर कार्यों का विभाजन कर सभी विद्यार्थियों तक पंहुचने और लाभान्वित कराने का लक्ष्य दिया गया है। नोडल अधिकारियों ने सभी प्रधानाचार्यों से गूगल मीट से जुड़कर ऑनलाइन शिक्षा देने के तौर तरीकों पर चर्चा के बाद डीडी यूपी से कक्षा 10व12 तथा स्वयंप्रभा के चैनल नंबर 22 से कक्षा 9व11विद्यार्थियों को शिक्षा दिया जा रहा है। इसके लिए संबंधित को मीटिंग के माध्यम से बराबर निर्देशित भी किया जा रहा है। जनपद के मा स्कूलो मे इसके संचालन का कार्य हॊ रहा है।
इसी क्रम मे दी जाने वाली शिक्षा की हकीकत जांचने के लिए जिविनि बलरामपुर डा. चंदन कुमार पाण्डेय ने गुरुवार को जनपद के एमड़ीके बालिका विद्यालय एवं बलरामपुर मॉडर्न स्कूल  का दौरा कर वर्चुअल कक्षाओं के संचालन मे आने वाली दिक्कतों के बारे मे पूँछ कर समस्याओं का निदान किया एवं विद्यालय के शिक्षकों के साथ सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मीटिंग कर कई अन्य टिप्स भी दिए। गुरुवार को डीआईओएस ने ई ज्ञान गंगा स्कूल ऐप एवं स्वयं प्रभा चैनल के बारे मे  शिक्षकों से जानकारी ली। उन्होने कहा कि जनपद के विद्यालयों को 9 जोन मे पहले से ही बांट दिया गया है।
हर जोन के लिए प्रशिक्षित शिक्षक या प्रधानाचार्य को नोडल अधिकारी नियुक्त कर प्रत्येक विद्यालय से जुड़कर वर्चुअल कक्षा संचालन की जिम्मेदारी दी गयी है। ई ज्ञान गंगा, स्वयंप्रभा एवं डीडी यूपी द्वारा शिक्षा देने का कार्य हॊ रहा है। हर सप्ताह के शिक्षण के लिए टाईम टेबल का निर्धारण किया जाता है। उसी के अनुसार शिक्षण भी शुरु कराया गया है। इस वर्ष पाठ्यक्रम का 30%घटा दिया गया है। शिक्षकों के डायरी मे निर्धारित पाठ्यक्रम को दर्ज करा दिया गया है।
इसका भी व्यापक प्रचार कराते हुए शिक्षण के लिए नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। हर विद्यालयों मे ड्राप बाक्स बनाने के निर्देश दिए गऐ हैँ। जिसमें बच्चों के गृह कार्य एवं मासिक टेस्ट के अभिलेख जांच कर रखे जा सकें। साथ ही विद्यालय के प्रधानाचार्यों को भी निर्देशित किया गया है। कि प्रत्येक दशा मे ड्राप बॉक्स मे प्राप्त कापियों का निरीक्षण कर ड्राप बॉक्स मे उपलब्ध कराया जाए । डीआईओएस ने बताया कि जबतक स्कूल नही खुल रहे हैँ तबतक बच्चों को स्वयंप्रभा , डीडी यू पी एवं ई ज्ञान गंगा चेनल व यू-ट्यूब से जोड़कर शिक्षा प्रदान करने पर पूरा बल दिया जा रहा है।
साथ ही ये भी प्रयास किया जा रहा है कि हर बच्चे तक पंहुचा जाए एवं किसी ना किसी रूप मे बच्चों को वर्चुअल शिक्षा से जोड़ कर लाभान्वित किया जाए । इसके लिए क्षेत्र स्तर पर भी टीम गठन करने का प्रयास किया जा रहा हैै जिससे मोबाइल या  टीवी की  पंहुच से दूर बच्चों को भी कवर किया जा सके ।
अवैध हथियार के साथ एक अभियुक्त को पुलिस ने किया गिरफ्तार

बलरामपुर। बलरामपुर के थाना रेहरा के उप निरीक्षक अयोध्या सिंह मय हमराही फोर्स के मुखबिर की सूचना पर अभियुक्त हामिद अली उर्फ चिउटाहे पुत्र रियासत अली निवासी पांचूडीह मौजा हुसैनाबाद थाना रेहरा बाजार को गिरफ्तार किया। जिसके कब्जे से एक अदद देशी तमंचा 315 बोर व 2 अदद जिंदा कारतूस 315 बोर बरामद किया गया।जिसके संबंध में थाना स्थानीय पर मुकदमा अपराध संख्या 211/2020 धारा 3/25 शस्त्र अधिनियम पंजीकृत कर अभियुक्त को न्यायालय भेज दिया गया है।
सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने 20 अभियुक्तों के विरुद्ध क्षतिपूर्ति आरोपित
बलरामपुर । जनपद बलरामपुर में 6 साल पहले वर्ष 2014 में सरकारी एंबुलेंस सेवा 102 वाहन संख्या यूपी 41 जी 2093 को क्षतिग्रस्त करते हुए आग लगाकर जला दिया गया जिससे सरकारी संपत्ति की क्षति पहुंचाई गई। प्रकरण में अपर जिला मजिस्ट्रेट द्वारा 20 अभियुक्तों पर 7 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति आरोपित किया गया है। प्रत्येक व्यक्ति द्वारा समान रूप से ₹35000 देय है। प्रत्येक व्यक्ति द्वारा मुचलका रुपए 35000 आदेश की तिथि 31 अगस्त 2020 से तीस दिवस के भीतर जमा कराकर रसीद जमा कर दें।  उक्त अवधि में धनराशि न जमा करने पर प्रत्येक व्यक्ति से भू राजस्व की भांति जुर्माना वसूल किया जाएगा।
प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, युवाओं को बना रही है आत्मनिर्भर
बलरामपुर। बलरामपुर जनपद  के शिक्षित बेरोजगार युवकों की बेरोजगारी की समस्या दूर करने और प्रदेश के हुनरमंद व कर्मठ युवाओं को अपने पैरो पर खड़ा करने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना की शुरूआत की है। इस योजना का मुख्य उदद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को अपना उद्योग शुरू कर स्वरोजगार स्थापित करने के लिए 25 लाख रू0 तक एवं सेवा क्षेत्र हेतु 10 लाख रू0 तक का ऋण बैंकों के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है। इसमें राज्य सरकार द्वारा 25 प्रतिशत मार्जिन मनी अनुदान लाभार्थी को उपलब्ध कराया जाता है, जो कि उद्योग क्षेत्र हेतु अधिकतम रू0 6.20 लाख तथा सेवा क्षेत्र हेतु रु0 2.50 लाख तक देय होता है। जो उद्यम के दो वर्ष तक सफल संचालन के उपरान्त अनुदान में परिवर्तित हो जाता है।
प्रदेश में बहुत से ऐसे युवा है जो शिक्षित और किसी न किसी ट्रेंड में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बावजूद आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण अपना खुद का कोई उद्योग, स्वरोजगार शुरू नहीं कर पाते। मुख्यमंत्री जी का ध्येय है कि राज्य के ऐसे युवा इस योजना के अन्तर्गत आवेदन करें और अपना रोजगार शुरू करे, इसके लिए सरकार उनकी आर्थिक सहायता करेगी। प्रदेश के युवाओं को मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजनान्तर्गत लाभान्वित कराते हुए उनको आत्मनिर्भर एवं सशक्त तथा आर्थिक रूप से स्वावलम्बी बनाने के लिए सरकार बड़ी तेजी से कार्य कर रही है।
कोरोना के समय में बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों में काम करने वाले उत्तर प्रदेश के अर्द्धकुशल, कुशल श्रमिक, कारीगर, शिक्षित युवा प्रदेश मे लौटे हैं। इन प्रवासी श्रमिकों को स्थाई रोजगार देने के लिए प्रदेश सरकार बड़ी तत्परता से कार्य कर रही है। इसके तहत सरकार सूक्ष्म, लद्यु एवं मध्यम उद्योगों से जुड़ी कई योजनाओं को आनलाइन प्लेटफार्म पर लाया है। जहां से कोई भी पात्र व्यक्ति आवेदन कर सकता है। प्रदेश सरकार बेरोजगार युवाओं को खुद का उद्योग स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना को बढ़ावा दे रही है। इस योजना के अन्तर्गत लाभ लेने के लिए यह जरूरी है कि लाभार्थी उत्तर प्रदेश का मूल निवासी हो और बेरोजगार हो। आवेदनकर्ता की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच की होनी चाहिए। और वह किसी बैंक का डिफाल्टर न हो। लाभार्थी को कम से कम हाईस्कूल पास होना जरूरी है तथा इस योजना के अन्तर्गत लाभ लेने के पहले से इस तरह की किसी अन्य योजना का लाभ न उठा रहा हो।
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजनान्तर्गत आवेदनकर्ता को आनलाॅइन आवेदन करना होता है। आवेदनकर्ता के पास जन्मतिथि सम्बन्धी हाईस्कूल प्रणाम पत्र, आधारकार्ड, वोटर, आई0डी0 कार्ड, उ0प्र0 का स्थाई निवासी होने का प्रमाणपत्र, शैक्षिक योग्यता प्रमाणपत्र, उद्योग स्थापित करने के लिए भूमि/भवन का विवरण अभिलेख, मशीनरी उपकरण, साज-सज्जा हेतु वर्तमान दरों के कोटेशन, जाति प्रमाण पत्र, यदि उद्यमिता विकास प्रशिक्षण प्राप्त किया है तो उसका प्रमाण पत्र, बीपीएल राशनकार्ड की प्रतिलिपि आदि अभिलेखों का आवेदन के समय लगाने पड़ते है।
बेवसाइट पर आनलाइन आवेदन करने के बाद जिला स्तर पर जिला चयन सीमिति के माध्यम से जिला उद्योग केन्द्र द्वारा सम्बन्धित उद्योग के ऋण आदि की पत्रावली बनाकर अभिलेखों सहित सम्बन्धित बैंकों को भेजी जाती है, जहां से लाभार्थी को ऋण उपलब्ध कराया जाता है। प्रदेश के मुख्यमंत्री जी की इस महत्वाकांक्षी योजना का प्रदेश के हजारों बेरोजगार युवा लाभ उठाते हुए आत्मनिर्भर हो रहे हैं। युवाओं द्वारा लगाये जा रहे उद्यमों से अन्य लोगों को भी रोजगार मिल रहा है, साथ ही उनकी आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ हो रही है।
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