सीतापुर : अलग जमीन, अलग भवन दिखाकर ले ली मान्यता, डीआईओएस ने जांच के दौरान किया खुलासा
सीतापुर। अक्सर विवादों से घिरे रहने वाले डॉ महेश गुप्ता एक बार फिर अपने ही बुने जाल में फंस गए हैं। वर्ष 2012 के आसपास सरकारी दस्तावेजों में गलत जमीन व गलत भवन दर्शाकर यूपी बोर्ड की मान्यता ली थी। इतना ही नहीं वह लंबे अरसे से इसी स्थान पर स्कूल का संचालन भी करते चले आ रहे हैं। इसका खुलासा उस वक्त हुआ जब महकमे के अधिकारियों ने सीबीएसई बोर्ड की मान्यता के लिए आई फाइल की जांच कराई। डीआईओएस की तहरीर पर डाॅ महेश गुप्ता पर पुलिस ने धोखाधड़ी समेत तमाम धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
बता दें कि डॉ महेश गुप्ता एक चिकित्सक होने के साथ कई शैक्षिक संस्थानों का संचालन भी करते हैं। इन्हीं में से सिविल लाइन मुहल्ले के पाॅश इलाके में संचालित रेनू-महेश एकेडमी भी है। यह विद्यालय काफी समय से यही पर संचालित हो रहा है। बीते दिनों सीबीएसई बोर्ड से मान्यता के लिए डीआईओएस नरेंद्र शर्मा द्वारा विद्यालयों के दस्तावेजों की जांच कराई जा रही थी। इस दौरान पता चला कि डाॅ महेश गुप्ता द्वारा यूपी बोर्ड की मान्यता के लिए प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों में जमीन व भवन भिन्न थे।
डॉ महेश ने यूपी बोर्ड की मान्यता के लिए सीतापुर-हरदोई मार्ग पर ग्राम इलसियाग्रंट के आसपास की किसी जमीन को दर्शाया था। जबकि भवन सिविल लाइन विद्यालय का दर्शाया था। कागजों में हेरफेर कर उन्होंने वर्ष 2012 में यूपी बोर्ड से मान्यता भी ले ली थी। वर्ष 2015 में इनके द्वारा सीबीएसई बोर्ड की मान्यता के लिए आवेदन किया गया था। इन दिनों मान्यता के स्थायित्व के लिए फाइल की जांच चल रही थी, इस दौरान यह तथ्य सामने आए हैं। मामले में डीआईओएस की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है। डीआईओएस ने बताया कि इस पूरे प्रकरण की रिपोर्ट बोर्ड को भी भेजी जाएगी।





