कोरोना ने जिंदगी से लेकर मौत भी दी बदल, अब ऐसे होगा अंतिम संस्कार

फरीदाबाद। कोरोना वायरस ने जीवन से लेकर मृत्यु तक हर कुछ बदलकर रख दिया है। कोरोना से जिन लोगों की मौत होती है, उनका शव परिजनों को नहीं दिया जाता है बल्कि नगर निगम अंतिम जिम्मेदारी निभाता है।
फरीदाबाद में कोरोना वायरस से 113 लोगों की मौत हो चुकी है, एक भी शव परिजनों को नहीं सौंपा गया बल्कि नगर निगम ने ही प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार किया। फरीदाबाद जिले में कोरोना वायरस से होने वाली मौतों के लिए 10 श्मशान घाटों को चिन्हित किया गया है, जहां इन शवों का रीति रिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया जाता है।
मुख्य सिविल सर्जन डॉ. रणदीप सिंह पूनिया ने बताया कि ये गाइडलाइंस हैं कि कोरोना से जिन लोगों की मौत होती है, उनके शवों को परिजनों का नहीं देना होता, जिस भी अस्पताल में किसी कोरोना मरीज की मौत होती है तो वो सीधा उसके शव को नगर निगम को सौंपता है, उसके बाद अंतिम संस्कार की सारी जिम्मेदारी नगर निगम की होती है। डॉ. रणदीप सिंह पूनिया ने बताया कि कोरोना मरीजों के अंतिम संस्कार के दौरान निगम कर्मचारियों को काफी चीजों का ध्यान रखना होता है।
फरीदाबाद में हर महीने 2 दर्जन के करीब डेड बॉडीज शव गृह में आती हैं। इनमें अधिकतर मौतें सुसाइड और एक्सीडेंट से होती हैं वहीं महीने में करीब 3 से 4 शव ऐसे होते हैं जिनकी शिनाख्त नहीं हो पाती है, ऐसे में स्वास्थ्य विभाग इन शवों को शिनाख्त के लिए 48 घंटे फ्रीजर में रखता है और उसके बाद नगर निगम के माध्यम से इनका अंतिम संस्कार किया जाता है।





