विकास दूबे एंकाउंटर : 5 लाख रुपये का इनाम किसको- यूपी या एमपी पुलिस ?

लखनऊ, 17 जुलाई । कानुपर के बिकरु गांव में दो जुलाई की रात हुए मुठभेड़ में आठ पुलिसवाले शहीद हो गए थे। इस घटना का मास्टरमांइड और हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे 9 जुलाई को मध्य प्रदेश (एमपी) के उज्जैन से पकड़ा गया था। लेकिन उज्जैन से कानुपर लाते समय रास्ते में ही एसटीएफ की गाड़ी पलटने के बाद भागते समय विकास मारा गया था। उस पर यूपी सरकार ने पांच लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है। अब यूपी पुलिस ने लेटर लिखकर एमपी पुलिस से पूछा है कि हिस्ट्रीशीटर को लेकर जो इनाम रखा गया था व किसे दिया जाए।

विकास की गिरफ्तारी के बाद कई व्यक्ति सामने आए थे, जिनकी निशानदेही पर वह पकड़ा गया था। ऐसे में यूपी पुलिस असमंजस में है कि आखिरी इनाम की राशि किसे दिया जाए। इसे लेकर यूपी पुलिस ने एमपी पुलिस को एक चिट्ठी लिखी है।

कमिटी लेगी निर्णय
उज्जैन एसपी मनोज कुमार सिंह ने मीडिया से कहा है कि कानपुर एसएसपी का हमें पत्र मिला है। उस पत्र में उन्होंने विकास पर घोषित इनाम का जिक्र किया है, साथ ही वह जानना चाहते हैं कि इनाम की राशि किसे दिया जाए। इसके लिए तीन सदस्यों की टीम बनाई गई जो निर्णय करेगी किसको इनाम दिया जाए। कमेटी 3 के अंदर ही रिपोर्ट सौंपेगी। इसमें विकास दुबे को पहली बार किसने देखा, उसे पकड़ा किस ने और यूपी एसटीएफ को सौंपे जाने तक का पूरा ब्यौरा होगा।
9 जुलाई को पकड़ा गया था गिरफ्तार
विकास की गिरफ्तारी 9 जुलाई को उज्जैन के महाकाल मंदिर से हुई थी। गिरफ्तारी के बाद एसपी मनोज सिंह ने कहा था कि वह राजस्थान के झालावाड़ से सुबह से 3.58 बजे उज्जैन के देवासगेट बस स्टैंड पर पहुंचा था। पहले रामघाट पर शिप्रा नदी में स्नान करने के बाद वह 7.45 बजे महाकाल मंदिर पहुंचा था। मंदिर में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उसे गिरफ्तार किया था।

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