सर्वे में पिछड़ते ही जा रहे डोनाल्ड ट्रंप, दोबारा राष्ट्रपति बनने के आसार कम

वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वापस जीतकर आना अब थोड़ा मुश्किल नजर आ रहा है। दरअसल कोरोना वायरस के कारण अमेरिका में लगभग एक लाख 35 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इस कारण ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने की संभावना कम होती नजर आ रही है।
आपको बता दें कि अमेरिका में अधिकतर ऐसा देखा गया है कि एक राष्ट्रपति ही दोनों कार्यकालों के लि चुनाव जाता रहा है लेकिन इस बार ऐसा होता नहीं लग रहा। खबरों के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रतिद्वंद्वी डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडन नामांकन हासिल करने के बाद से सर्वे में आगे चल रहे हैं।
वहीं राष्ट्रव्यापी नए पोल में जो बाइडन ने व्हाइट हाउस की रेस में ट्रंप पर 15 पॉइंट की बढ़त बना ली है। बुधवार को कोनेपियाक यूनिवर्सिटी ने राष्ट्रीय पोल जारी किया था जिसमें बाइडन और ट्रंप में 52–37 का फासला रहा। एक महीने पहले इसी पोल में बाइडन आठ पॉइंट आगे थे। बाइडन और ट्रंप में 49-41 का फासला था।
इस पोल का कहना है कि जो वोटर्स किसी पक्ष से नहीं जुड़े हैं, उनका इस बदले रुख में सबसे बड़ा योगदान है। जून में स्वतंत्र वोटर्स दोनों के बीच बंटे थे लेकिन अब 51 फीसदी बाइडन के साथ हैं और महज 34 फीसदी ट्रंप के साथ।
कोनेपियाक यूनिवर्सिटी के पोलिंग एनलिस्ट टिम मालोय ने कहा कि जाहिर है कि अभी चुनाव में 16 हफ्ते बचे हैं लेकिन अभी लोगों का जो मिजाज है वो ट्रंप को परेशान करने वाला है। मुझे नहीं लगता कि अब कुछ छुपा हुआ है कि अचानक से सब कुछ ट्रंप के पक्ष में हो जाएगा।
यह पोल 9 से 13 जुलाई के बीच 1,273 रजिस्टर्ड वोटर्स के बीच राष्ट्रीय स्तर पर किया गया था। इस पोल में लोगों ने यह भी कहा कि ट्रंप की तुलना में बाइडन अर्थव्यवस्था को ठीक चला सकते हैं। अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर ट्रंप की तुलना में लोग बाइडन को ज्यादा पंसद कर रहे हैं।
ट्रंप को लेकर लोगों में सबसे ज्यादा गुस्सा कोरोना वायरस को लेकर है। लोगों का कहना है कि ट्रंप ने इस महामारी को ठीक से हैंडल नहीं किया। कोरोना से अब तक अमेरिका में 35 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं और एक लाख 35 हजार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। मार्च महीने के बाद से ट्रंप की लोकप्रियता में लगातार गिरावट आ रही है।
एनबीसी और वॉल स्ट्रीट जर्नल ने भी सर्वे किया है। इस सर्वे के मुताबिक, रजिस्टर्ड वोटर्स में 54 फीसदी ट्रंप के अर्थव्यवस्था को संभालने के तरीके से संतुष्ट हैं जबकि 42 फीसदी असंतुष्ट हैं। नस्ली भेदभाव के मामलों को लेकर ट्रंप के रवैये से सिर्फ 33 फीसदी लोग संतुष्ट हैं। कोरोना वायरस महामारी हैंडल करने को लेकर 37 फीसदी वोटर्स ट्रंप से संतुष्ट हैं।
सर्वे के मुताबिक, रोजगार मुद्दे पर 36 फीसदी वोटर्स ट्रंप के साथ हैं जबकि 60 फीसदी उनके कामकाज से संतुष्ट नहीं है। जबकि जून महीने में रोजगार मुद्दे पर 42 फीसदी लोगों ट्रंप के समर्थन में थे और 55 फीसदी विरोध में। कोरोना वायरस महामारी ट्रंप के पूरे चुनावी गणित को बदलती नजर आ रही है।





