PM की अपील से बिजली पर क्यों आ सकती है आफत

स्पेशल डेस्क
कोरोना वायरस को रोकने के लिए पूरे देश में इस समय लॉकडाउन लगा हुआ है। पीएम मोदी कोरोना वायरस को रोकने के लिए कड़े कदम उठा रहे हैं और इसी के तहत उन्होंने 3 अप्रैल को देशवासियों के नाम एक वीडियो मैसेज जारी करके लोगों से पांच अप्रैल को रात नौ बजे 9 मिनट के लिए अपने-अपने घरों की लाइट्स ऑफ करने के लिए कहा है और इसके साथ ही दिया या टॉर्च जलाने की अपील की है।

प्रधानमंत्री ने कहा, इस रविवार 5 अप्रैल को, हम सबको मिलकर, कोरोना के संकट के अंधकार को चुनौती देनी है, उसे प्रकाश की ताकत का परिचय कराना है। इस 5 अप्रैल को हमें, 130 करोड़ देशवासियों की महाशक्ति का जागरण करना है।
पीएम के इस कदम को लेकर एक बड़ा संकट भी सामने आ सकता है। लोग अपने घरों की बिजली बंद कर देंगे। इस वजह से पूरे देश में पावर ग्रिड पर लोड एकाएक कम हो जाएगा। ऐसा करने से कोई समस्या नहीं है लेकिन नौ मिनट बाद लोग फिर से अपने घरों की लाइट्स ऑन करेंगे और इस वजह से अचानक से पावर ग्रिड पर लोड बढ़ जाएगा। पावर गिड् पर लोड बढऩे से फ्लक्चुएशन का सबसे बड़ा खतरा भी सामने आ सकता है।
बिजली कंपनियों के लिए सबसे बड़ा संकट भी सामने आ रहा है। कहा जा रहा है कि एक साथ अगर पावर बंद किया जाएगा और दोबारा चालू करने से पूरे देश में ब्लैकआउट होने का खतरा बढ़ सकता है।
पीएम की घोषणा के बाद से ब्लैकआउट के खतरे को देखते हुए बिजली कंपनियो ने इसका तोड़ खोजना शुरू कर दिया है। उधर महाराष्ट्र के ऊंजा मंत्री नितिन राउत ने इसी तरह की बात कही है और उनके अनुसार पावर फेल होने का ख़तरा बढ़ सकता है। जानकार बता रहे हैं कि लोड घटने-बढऩे से पावर फेल होने का ख़तरा अचानक से बढ़ जाता है।
बता दें कि कोरोना वायरस के मामले देश में लगातार बढ़ रहे हैं। आलम तो यह है भारत में 2909 लोग कोरोना वायरस की चपेट में है जबकि 61 लोगों की जिंदगी खत्म हो गर्ई है।

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