आयुष्मान योजना से भी यूपी में हो सकेगा कोरोना का इलाज़!

लखनऊ : कोरोना का कहर दिनोदिन बढ़ता ही जा रहा है। इससे लोगों को बचाने के लिए यूपी सरकार ने निजी अस्पतालों से कोविड-19 अस्पताल बनाने का प्रस्ताव मांगा है। प्रथम चरण में सौ बेड से अधिक वाले 200 अस्पतालों का चयन किया गया है। इन अस्पतालों में 214 वेंटीलेटर हैं।
कोविड-19 अस्पताल में तब्दील होने वाले अस्पताल अन्य मरीजों के भर्ती पर रोक रहेगी। यहां के डॉक्टर व स्टाफ को कोरोना मरीजों के ट्रीटमेंट का प्रशिक्षण दिल्ली एम्स से ऑनलाइन एप्स के जरिए मिलेगा। आयुष्मान मरीजों का पेशेंट केयर चार्ज निजी अस्पतालों को 1800 रुपये प्रति दिन देने की योजना है। यह जनरल वार्ड का चार्ज होगा। वहीं आइसीयू, वेंटीलेटर पर मरीज शिफ्ट होने का चार्ज भी पैकेज में शामिल है। अस्पतालों का चयन करने का काम आयुष्मान योजना की सरकारी नोडल एजेंसी साची को सौंपा गया है।
इसके अलावा चिकित्सा शिक्षा-चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग ने मिलकर इलाज की ‘टिपल लेयर’ की रणनीति बनाई है। इसमें लेवल वन से लेकर थ्री तक कोरोना ट्रीटमेंट का ढांचा तैयार किया जा रहा है। सीएचसी से लेकर बड़े चिकित्सा संस्थान तक अलर्ट हैं। इसके साथ ही दोनों विभाग आइसोलेशन-क्वारंटाइन के लिए सरकारी अस्पतालों में 15-15 हजार बेड आरक्षित करने की कवायद में जुटे हैं। वहीं, बेडों व वेंटीलेटर की संख्या बढ़ाने के लिए प्राइवेट अस्पतालों को भी मिशन से जोड़ा जा रहा है। इसके तहत केंद्र सरकार को मेल कर अनुमति मांगी गई है।

Back to top button