फ़र्ज़ की मिसाल बनें डॉक्टर देहरिया, 5 दिन बाद घर पहुंचे, चाय पी और ड्यूटी पर लौट गए

नई दिल्ली: आपने फिल्मों में फ़र्ज़ के प्रति समर्पित और लोगों की जान बचाने वाले नायक देखे होंगे। लेकिन क्या आपने असल ज़िन्दगी में भी ऐसे नायक देखे हैं? नहीं देखा तो भोपाल के डॉक्टर सुधीर देहरिया को देख लीजिए। ये कोरोना जैसी महामारी से लोगों को बचाने में जुटे असल ज़िन्दगी के नायक हैं।
दरअसल, डॉक्टर सुधीर देहरिया भोपाल ज़िले के मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी (CMHO) हैं। वो ज़िले को कोरोना वायरस संक्रमण से बचाने की कोशिश में लगे हुए हैं। उन्हें जो ज़िम्मेदारी दी गई है उसे निभाने में वो इस तरह लगे हैं कि पिछले पांच दिनों में एक बार भी उन्हें घर जाने का मौका नहीं मिला।
जब मौका मिला भी तो वो पांच दिनों बाद महज़ चाय पीने के लिए घर आए और फिर से कोरोना से लड़ने अस्पताल निकाल गए। फ़र्ज़ के प्रति डॉक्टर सुधीर देहरिया के इस समर्पण की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ़ हो रही है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी ट्विटर के ज़रिए डॉक्टर डेहरिया की प्रशंसा करते हुए उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री ने लिखा, “मिलिये डॉ. सुधीर डेहरिया से, जो भोपाल जिले के CMHO हैं। सोमवार को वो पाँच दिन बाद घर पहुंचे, घर के बाहर बैठ कर चाय पी, घर वालों का हाल चाल लिया और बाहर से ही अस्पताल वापस हो गए। डॉक्टर डेहरिया और इन जैसे हज़ारों-लाखों #CoronaWarriors को मेरा शत-शत नमन। हमें आप पर गर्व है।”
वहीं कांग्रेस नेता एवं शायर इमरान प्रतापगढ़ी ने डॉक्टर सुधीर देहरिया को असल ज़िन्दगी का हीरो बताया। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “डॉ. सुधीर डेहरिया भोपाल जिले के CMHO हैं। सोमवार को वो पाँच दिन बाद घर पहुंचे थे। घर के बाहर बैठ कर चाय पी, घर वालों का हाल चाल लिया और बाहर से ही अस्पताल वापस हो गए। हीरो सिर्फ फिल्मों में नहीं होते।”

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