UP: चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी 1 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथो गिरफ्तार

पिलखुवा नगर पालिका ठेकेदार द्वारा कराए कार्यों के बिलों का भुगतान कराने की एवज में एक लाख रुपये की रिश्वत लेते पालिका का चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रंगे हाथ पकड़ लिया। भ्रष्टाचार निवारण संगठन मेरठ इकाई की टीम ने सोमवार दोपहर यह कार्रवाई की। टीम ने आरोपित के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराते हुए गिरफ्तार कर लिया। आराेपित के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है।

भ्रष्टाचार निवारण संगठन मेरठ इकाई के प्रभारी कुंवरपाल सिंह ने बताया कि जनपद गाजियाबाद के कस्बा मोदीनगर स्थित गोविंदपुरी निवासी मंदीप शर्मा ने एक शिकायत दर्ज कराई। जिसमें उन्होंने बताया कि उनकी बहन दीपा शर्मा नगर पालिका पिलखुवा में शनि कृपा इंटरप्राइजेज के नाम से रजिस्टर्ड ठेकेदार हैं। मंदीप शर्मा ने बताया कि वह अपनी बहन दीपा शर्मा के ठेकेदारी लाइसेंस पर अधिकृत रूप से कार्य करता है।

उन्होंने पिछले कुछ समय में पालिका क्षेत्र में 13 विकास कार्य कराए थे। जिनके बिलों का भुगतान होना बाकी था। मंदीप के मुताबिक बिलों का भुगतान कराने के नाम पर उससे रिश्वत मांगी जा रही थी। रिश्वत के एक लाख रुपये लेने के लिए पालिका के चतुर्थ श्रेणी कर्ममचारी विनोद कुमार को लगाया था।

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शिकायत की पुष्टि करने के बाद भ्रष्टाचार निवारण संगठन मेरठ इकाई ने विनोद कुमार को रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई। रुपये पिलखुवा में ओवर ब्रिज के नीचे सत्यम टाकीज के पास देना तय हुआ। सोमवार दोपहर लगाभग एक बजे जैसे ही मंदीप ने विनोद कुमार को एक लाख रुपये पकड़ाए तो भ्रष्टाचार निवारण संगठन मेरठ इकाई की टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।

टीम को देखते ही विनोद के पसीने छूट गए। टीम ने आरोपित के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। बता दें कि पिछले वर्ष नगर पालिका गढ़मुक्तेश्वर में ठेकेदार से रिश्वत लेते हुए लिपिक अब्दुल को भ्रष्टाचार निवारण संगठन मेरठ इकाई की टीम ने गिरफ्तार किया था। इस मामले में कुछ अन्य आरोपित भी शामिल हैं।

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