कबूतरों को डालते है दाना तो जाईये सावधान, नुकसान जानकर पैरों तले घिसक जाएगी जमीन

कबूतर कई बीमारियों के वाहक बन रहे हैं। मकान की छतों, ऊंची बिल्डिंगों और प्रमुख चौराहों पर कबूतरों के जमावड़े से कई लोग अस्थमा सहित कई बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। आस्था में दाना डालने वाले लोग भी इनकी वजह से होने वाली बीमारियों से अनजान हैं। कई देशों ने कबूतरों को दाना डालने पर रोक लगा रखी है।
यहां दाना डालने पर रोक
लंदन का ट्राफलगर स्क्वायर कभी चुग्गा डालने की लोकप्रिय जगह थी। कबूतरों की बीट से वहां लगी कलाकृतियों को नुकसान पहुंचा व लोगों की सेहत पर भी बुरा असर पडऩे लगा। 2001 में वहां दाना डालने पर रोक लगा दी गई। इटली के प्रसिद्ध शहर वेनिस व अमेरिका के न्यूयॉर्क में भी कबूतरों के लिए दाना बेचने पर रोक लगा दी गई।
सेहत को खतरे
एलर्जी रोग विशेषज्ञ के मुताबिक कबूतरों की बीट से लोगों को हायपरसेंसिटिविटी न्यूमोनाइटिस हो सकता है। इसे ब्रीडर लंग भी कहते हैं। कई बार यह जानलेवा भी हो सकता है। बीट में पाए जाने वाले एक बैक्टीरिया क्लामायडोफिला सिटाकी के कारण सिटाकोसिस नाम का इन्फेक्शन हो जाता है। इसे पैरट फीवर भी कहते हैं। इससे न्यूमोनिया भी हो सकता है। इससे फंगल त्वचा रोग हिस्टोप्लाजमोसिस व क्रिप्टोकोकोसिस होने का खतरा भी होता है। डॉक्टरों के मुताबिक अस्थमा और ब्रॉन्काइटिस के लक्षणों वाले मरीजों को ऐसी जगह रहने से बचना चाहिए। छत पर दाना भी नहीं डालें ताकि कबूतर एकत्र नहीं हों।
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