दिल्ली पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, JNU हिंसा के नकाबपोश हमलावरों की हुई पहचान

जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में छात्रों पर हमला करने वाले नकाबपोश हमलावरों की पहचान दिल्ली पुलिस ने कर ली है. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने कुछ नकाबपोश हमलावरों की पहचान की है.

रविवार रात को जेएनयू में नकाबपोश हमलावरों ने छात्रों पर हमला किया था. इसमें जेएनयू छात्रसंघ की अध्यक्ष आइशी घोष समेत कई छात्र बुरी तरह घायल हो गए थे. इस हमले में जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष आइशी के सिर और हाथ में गंभीर चोट आई थी.

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दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के डीसीपी जॉय टिर्की ने कहा कि इस मामले में किसी भी संदिग्ध को हिरासत में नहीं लिया गया है, लेकिन जल्द हम उनसे पूछताछ शुरू कर सकते हैं. वहीं, तस्वीर जारी होने के बाद छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष ने कहा कि मुझे कानून-व्यवस्था पर पूरा भरोसा है कि जांच निष्पक्ष होगी. मुझे न्याय मिलेगा.  लेकिन दिल्ली पुलिस पक्षपात क्यों कर रही है? मेरी शिकायत एफआईआर के रूप में दर्ज नहीं की गई है. मैंने कोई मारपीट नहीं की है. उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस अपनी जांच कर सकती है. मेरे पास यह दिखाने के लिए सबूत भी हैं कि मुझ पर कैसे हमला किया गया.

दिल्ली पुलिस ने क्या कहा

क्राइम ब्रांच के डीसीपी जॉय टिर्की ने कहा कि मामले की जांच को लेकर कई तरह की गलत जानकारी फैलाई जा रही है. एक जनवरी से लेकर 5 जनवरी तक रजिस्ट्रेशन होना था. हालांकि SFI, AISA, AISF और DSF छात्र संगठनों ने छात्रों को रजिस्ट्रेशन करने से रोका. रजिस्ट्रेशन करने वाले छात्रों को धमकाया जा रहा था. इसके बाद विवाद लगातार बढ़ता गया और पांच जनवरी को पेरियार व साबरमती हॉस्टल के कुछ कमरों में हमला किया गया.

रविवार रात जेएनयू में हुई हिंसा मामले में कई एफआईआर दर्ज की गई हैं. हालांकि अभी तक पुलिस जेएनयू कैंपस में लाठी-डंडे चलाने वालों और सर्वर रूम में तोड़फोड़ करने वालों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है. ऐसे में दिल्ली पुलिस को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं.

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