जांघों से चिपक गया था चेहरा, 28 साल बाद अब ये शख्स सीधा हो पाया खड़ा

इंसान कईं बार सामने देखते हुए भी सड़क पर या तो किसी से टकरा जाता है या फिर हादसे का शिकार हो जाता है। लेकिन चीन में एक ऐसा शख्स है जो पिछले 28 सालों से अपनी जांघों में अपना मुंह चिपकाए जी रहा था। सोचिए फिर उसने इतने साल अपनी जिंदगी कैसे गुजारी होगी।
दरअसल, हुनान प्रांत में रहने वाले 46 साल के ली हुआ को 1991 में एंकिलॉजिंग स्पॉन्डिलाइटिस बीमारी हो गई थी। तब उनकी उम्र 18 साल थी। उसके बाद उनकी कमर झुक गई और चेहरा जांघों से चिपक गया था।
अपनी इस बीमारी का इलाज करवाने के लिए ली के पास पैसे नहीं थे। मुश्किल से अपनी मां के साथ जीपन-यापन कर रहा था। पिछले 5 सालों के दौरान हालात और भी गंभीर हो गए। ली की कमर पूरी तरह झुक गई। इससे उसकी हाइट केवल 90 सेमी यानी 2.9 फीट तक ही नजर आती थी।
मई 2019 में ली के परिजन प्रोफेसर ताओ हुईरेन के संपर्क में आए, जो शेन्ज़ेन यूनिवर्सिटी जनरल हॉस्पिटल के स्पाइनल सर्जरी विभाग में टीम लीडर थे। हॉस्पिटल ने हुआ की चार बार सर्जरी की।
ली ऑपरेशन के बाद अब सीधा खड़ा हो पाया। डॉक्टर्स का कहना है कि वह तीन महीने में बिना किसी सहारे के पूरी तरह चलने में सक्षम हो जाएगा। नया जीवन देने के लिए हुआ ने प्रोफेसर ताओ को शुक्रिया कहा। ली ने कहा कि उनके बिना मेरा अपने पैरों पर खड़ा होकर चल पाना संभव नहीं था। वह मेरे रक्षक हैं। मैं उनका और अपनी मां का आभारी हूं।
माना जाता है कि एंकिलॉजिंग स्पॉन्डिलाइटिस बीमारी जीन में गड़बड़ी की वजह से होती है। इसके कारण स्पाइन किसी पिंजरे की तरह हो जाती है और गर्दन कठोर हो जाती है। सूजन के कारण हड्डियां खराब हो जाती हैं। शरीर अतिरिक्त कैल्शियम का उत्पादन करने लगता है। रीढ़ की हड्डी का इस तरह मुड़ने को किफोसिस कहा जाता है। अमेरिका में इससे करीब 16 लाख लोग प्रभावित हैं।





