कानपुर में लिटरेचर फेस्ट में आए अभिनेता आशुतोष राणा ने घटना पर बयां की अपनी पीड़ा…

जाने माने अभिनेता आशुतोष राणा ने कहा है कि हैदराबाद में हुई महिला डॉक्टर की निर्मम हत्या जैसी हृदयविदारक घटना दोबारा न हो, इसके बारे में गंभीरता से सोचना होगा। घटना पर अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि यह घटना मां के अस्तित्व पर कुठाराघात जैसी है। कोई भी सभ्य समाज इस तरह अपना अस्तित्व नष्ट नहीं करता है। ऐसी घटनाएं रोकने के लिए मिलजुलकर काम करना होगा। उन्होंने शहर में आयोजित कानपुर लिटरेचर फेस्टिवल में आकर अपनी बात रखी।
नये चेहरे में नजर आए आशुतोष
हॉरर फिल्मों में डरावने रोल से लेकर कई तरह के रोल निभाने वाले अभिनेता आशुतोष राणा का एक नया चेहरा शहर के लोगों ने देखा। वह न केवल एक अच्छे कथाकार हैं, बल्कि कवि और व्यंग्यकार भी हैं। कानपुर लिटरेचर फेस्टिवल में जब उन्होंने प्रतिभा का प्रदर्शन किया तो हॉल में लोगों ने उनके एक-एक शब्द को तन्मयता से सुना। कार्यक्रम के छठवें ‘एन एक्टर प्रिपेयर्स’ नाम के इस सेशन में मंच पर आकर उन्होंने सबसे पहले अपनी किताब ‘मौन मुस्कान की मार’ के बारे में जानकारी दी। फिर ‘रामराज्य’ पुस्तक के अंश का विस्तार से वर्णन किया। हनुमान जी के रावण के दरबार में जाने, उनके नीति ज्ञान, वाक चातुर्य और प्रभु राम में आस्था का शानदार चित्रण किया।
कलयुग पर सुनाई कविता
उन्होंने कलयुग पर एक कविता सुनाई। जिसमें कलि को यह अभिमान होता है कि इस कलिकाल में वही सब कुछ है और ईश्वर के हाथ में कुछ नहीं। ऐसे में ईश्वर उसे यह भान कराते हैं कि असल में वह एक कालखंड है जो बीत जाएगा। इससे अधिक कुछ भी नहीं। इस तरह वह उसके अभिमान को समाप्त करते हैं। उन्होंने डॉक्टर लाठी की एक व्यंग्य रचना सुनाकर लोगों का दिल जीता।
शहर में गंगा किनारे तीन दिन करेंगे शूटिंग
कानपुर से बहुत गहरा रिश्ता बताते हुए आशुतोष ने कहा कि दस साल पहले मैं गुरुदेव दद्दाजी के निर्देशन में फूलबाग मैदान में सवा करोड़ शिवलिंग निर्माण के लिए आया था। अब वह तीन, चार व पांच दिसंबर को शहर में गंगा किनारे अपनी आने वाली फिल्म ‘पगलैट’ की शूटिंग करेंगे। धर्मा प्रोडक्शन की सस्पेंस व हॉरर फिल्म ‘भूत’, प्रियदर्शन की ‘हंगामा-2’ आने वाली हैं। यशराज प्रोडक्शन की एक फिल्म में भी अगले वर्ष नजर आऊंगा। कहा कि वेब सीरीज का बाजार बढ़ा है जिससे नए चेहरों को मौका मिल रहा है।





