एक जरुर जान ले ओरल व एनल सेक्स होने वाली इन बड़ी बीमारियों के बारें में..

भारत में हाल ही में हुए एक फैसले ने एलजीबीटीक्यू समुदाय को प्यार करने की छूट तो दे दी है लेकिन गे और बाईसेक्सुअल लोगों को कुछ सेक्सुअल बीमारियों का खतरा हमेशा बना रहता है। गे या लेस्बियन लोग ओरल और एनल सेक्स ही करते हैं। एक्सपर्ट्स की माने तो ओरल व एनल सेक्स से हेपेटाइटिस, एचपीवी, सिफिलिस, गोनोरिया और एड्स जैसी खतरनाक बीमारियों का खतरा ज्यादा होता है। एचपीवी वायरस से एनल कैंसर और सर्वाइकल कैंसर का खतरा दो गुना हो जाता है।
आइए जानते हैं एनल और ओरल सेक्स से कौन सी बीमारियों के होने का खतरा ज्यादा होता है। ओरल व एनल सेक्स अगर आप भी करते हैं तो इन बीमारियों के बारे में जरूर जानें…..
एनल कैंसरः नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ में हुई इंटरनेशनल एड्स मालिगेंसी कॉन्फ्रेंस के अनुसार, समलैंगिक संबंध से एचपीवी का खतरा होता है जो एनल कैंसर यानि गुदे के कैंसर का कारण बन सकता है। अगर आप भी ओरल व एनल सेक्स करते हैं तो एनल कैंसर का खतरा हमेशा बना रहता है…
सर्वाइकल कैंसरः पैपिलोमावायरस इन पैथोलॉजी की एक बैठक का हवाला देते हुए डॉक्टर स्टीफन गोल्डस्टोन ने बताया कि एचपीवी वायरस सर्वाइकल कैंसर का भी कारण बन सकता है। जो लोग ओरल व एनल सेक्स करते हैं उनको इसका खतरा बहुत अधिक होता है।
एचआईवी/एड्सः एचआईवी मनुष्य की प्रतिरक्षा प्रणाली को खत्म देता है। जिससे मनुष्य अन्य बीमारियों से लड़ने की ताकत को खो देता है। इसीलिए एड्स को सिंड्रोम कहते हैं। एड्स से बीमार आदमी को कोई अन्य बीमारी हो जाए तो ज्यादातर चांस होता है कि उस बीमारी का इलाज नहीं हो पाएगा। इसलिए आप कह सकते हैं कि एड्स का मरीज एड्स के कारण नहीं मरता है, वह तो किसी अन्य बीमारियों या संक्रमण या दोनों से मरता है। एचआईवी व एड्स का खतरा ओरल व एनल सेक्स की वजह से कई गुना बढ़ जाता है।
गोनोरियाः यह निसेरिया गोनोरीए नामक बैक्टीरिया से होता है। यह वायरस बहुत तेजी से फैलता है। यह आपके गले, मूत्र नली, योनि और गुदा को संक्रमित कर सकता है। असुरक्षित यौन, गुदा या मुख मैथुन गोनोरिया के मुख्‍य कारण हो सकते हैं। किसी नए साथी के साथ सेक्स करने या एक से अधिक लोगों के साथ सेक्स करने से गोनोरिया का खतरा बढ़ जाता है।
हेपेटाइटिस सीः यह लीवर की सूजन है जो सिरोसिस, लीवर फेलियर और लीवर कैंसर का कारण बनती है। एक्सपर्ट मानते हैं कि अनसेफ सेक्स प्रैक्टिस की वजह से इसका अधिक खतरा होता है।
हेपेटाइटिस एः सीडीसी द्वारा प्रकाशित मोर्टेलिटी एंड मोर्बिडिटी वीकली रिपोर्ट के अनुसार, पुरुषों के साथ यौन संबंध रखने वाले पुरुषों को हेपेटाइटिस ए का अधिक खतरा होता है और ऐसा बड़े शहरों में ज्यादा देखा जाता है।
सिफलिसः सिफलिस एक व्‍यक्ति से दूसरे व्‍यक्ति में फैलने वाली यौन संचारित बीमारी है। एनल सेक्स और ओरल सेक्स से इसका अधिक खतरा होता है। सिफलिस की शुरुआत ट्रेपोनेमा पल्लिडम नामक जीवाणु से होती है। जब आप किसी सिफलिस से संक्रमित किसी व्‍यक्ति से संबंध बनाते हैं, तो यह बीमारी 9 से 10 दिन बाद शुरू हो जाती है।





