अपहरण-दुष्कर्म के गंभीर मामले में कोर्ट ने नौ दिन में सुनाया फैसला, दोषी को 20 साल की कैद की सजा

किशोरी के साथ अपहरण-दुष्कर्म के गंभीर मामले में अदालत ने महज नौ दिन की सुनवाई में फैसला सुनाकर नजीर पेश की है। अपर सत्र न्यायालय प्रथम की अदालत ने दोषी को 20 साल की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इससे पहले कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में औरैया में भी नौ दिन की सुनवाई में फैसला सुनाया गया था।

ये हुई थी घटना

घटना पांच अक्टूबर 2019 की है, कबरई क्षेत्र के एक मोहल्ले में रहने वाली 16 वर्षीय किशोरी को कहीं जाने के दौरान कस्बे के ही रहने वाले करन अहिरवार ने अगवा कर लिया था। वह उसे चित्रकूट ले गया, जहां कई दिन साथ रखा दुष्कर्म किया। विरोध पर उसे बेरहमी से पीटा गया। अपहरण के अगले दिन छह अक्टूबर को किशोरी के भाई की तहरीर पर कबरई थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।

छह नवंबर को दाखिल की गई थी चार्जशीट

विवेचना अधिकारी ने जांच पूरी कर छह नवंबर को कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। 13 नवंबर को मामला न्यायालय में विचाराधीन हुआ और 14 नवंबर से सुनवाई शुरू हुई। 18 नवंबर तक लगातार सुनवाई चली। इसके बाद फैसला सुरक्षित कर लिया गया। सुनवाई शुरू होने के नवें दिन शुक्रवार को अपर सत्र न्यायालय प्रथम के न्यायाधीश राम किशोर शुक्ल की अदालत ने सजा और अर्थदंड लगाया। शासकीय अधिवक्ता दिनेश सिंह का कहना है कि प्रदेश में त्वरित गति से सुनवाई और फैसले के नजरिये से यह मुकदमा प्रदेश में नजीर है।

किशोरी को आई थीं गंभीर चोटें, आठ गवाहों के हुए बयान

कबरई से अपहरण कर किशोरी को चित्रकूट ले जाकर अभियुक्त करन अहिरवार ने खूब जुल्म ढाए थे। उसकी बेरहमी से पिटाई की गई थी। मेडिकल में उसके शरीर में 11 गंभीर चोटें मिली थीं। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से सात और बचाव पक्ष की ओर से एक गवाह पेश किया गया था।

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