प्रदेशस्तरीय बैडमिंटन खिलाड़ी 19 साल की आयु मेंं फंस गया नशेे के दलदल मेें, ओवरडोज से हुई मौत

जिले के प्रदेशस्तरीय बैडमिंटन खिलाड़ी 19 साल की आयु मेंं नशेे के दलदल मेें फंस गया। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेटे को खेलते देखने का सपना संयोये माता-पिता बेटे की नशे की चपेट में आने से हुई मौत से काफी आहत हैं। यही नहीं, इस खिलाड़ी के साथ जुड़े लोग और खासतौर पर उसे राज्यस्तर तक तैयार करने वाले कोच भी बड़े आहत हैंं।
महावीर ने 14 साल की आयु से बैडमिंटन खेलना शुरू किया था। मूलरूप से महावीर गुरुहरसहाय का रहने वाला था और 19 साल की आयु में ही वह नशे के सौदागरों के संपर्क में आ गया और रास्ता भटक कर दिया। नशे की लत ने उसे इस कदर भटकाया कि वह दोबारा खेल की दुनिया में वापस नहीं लौट सका और नशे की भेंट चढ़ गया। महावीर बैडमिंडन में कोई आम खिलाड़ी नहीं था, बल्कि फिरोजपुर में अंडर-17 और अंडर-19 का विनर और रनर-अप भी रह चुका था।
संबंधित कोच सरकार को कोस रहे हैं कि अगर नशों को जड़ से खत्म किया होता तो शायद उनका खिलाड़ी महावीर माहल उनके बीच जिंदा होता और आने वाले समय में बुलंदियों को छूता हुआ तथा फिरोजपुर का नाम रोशन करता। महावीर की मौत ने नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाली सरकारों के सामने एक बहुत बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
महावीर के पिता बब्बी मिस्त्री है और मेहनत मजदूरी करने वाले हैं और उसकी माता घरेलू महिला है और छोटा भाई सातवीं कक्षा का छात्र है। पिता ने बेटे को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलते हुए देखने का सपना देखा था, लेकिन उनका सपना महावीर की मौत के साथ ही अब खत्म हो गया है।
.. जब टूटा खेल से नाता
महावीर किसी कारणवश 2018 में खेल से अलग होने लगा था, पहले तो इसके बारे में कुछ साफ नहीं हो सका, लेकिन बाद में पता चला कि उसके खेल से दूर होने का एक कारण जहां गरीबी बताया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ खेल सुविधाएं समय पर न मिल पाने के कारण भी उसका ध्यान भटकने लगा और इन्हीं कारणों की वजह से 2018 में उसका खेल से नाता टूट गया। फिर वह बुरी संगत में फंस गया।
कैसे हुई मौत
बताया जा रहा है कि महावीर माहल ने अपनी बाजू पर नशे का टीका लगा लिया था, जिसकी ओवरडोज होने से उसकी हालत खराब हो गई। इस बारे परिवार वालों को पता चला तो वह उसे फरीदकोट अस्पताल ले गए थे, लेकिन नशे के प्रभाव ने उसके शरीर को अंदर से बुरी तरह खत्म कर दिया था, जिसकी वजह डॉक्टरों के लिए भी उसका इलाज कर पाना काफी मुश्किल बना रहा था, फिर देखते हुए देखते महावीर की तबियत और खराब हो गई और फिर उसने दम तोड़ दिया।
फिरोजपुर सरहदी क्षेत्र से 170 किलो हेरोइन पकड़ी जा चुकी
बीएसएफ और पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर फिरोजपुर के सरहदी क्षेत्रों में से अब तक 170 किलोग्राम के करीब हेरोइन पकड़ी है, जबकि पंजाब को लगते फिरोजपुर, फाजिल्का, गुरदासपुर और अमृतसर बार्डर के इंटरनेशनल बार्डर से जुड़े क्षेत्रोें से कुल 197.38 किलोग्राम हेरोइन पकड़ी जा चुकी है। इसके अलावा पूरे उक्त चार जिलों में 82 लोगों को हेरोइन तस्करी करने के आरोप में पकड़ा जा चुका है।





