राष्ट्रपति ने CS समुदाय को दिया जवाबदेह बिजनेस का मंत्र

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने व्यापारिक कंपनियों के सचिवों को जिम्मेदार बिजनेस का मंत्र दिया है। उन्होंने कहा कि कंपनी सचिवों यानी सीएस को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कंपनियां साझेदारों के लाभ और सट्टेबाजी में फर्क समझ सकें। राष्ट्रपति इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (आइसीएसआइ) के 51वें स्थापना दिवस में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि हमने कई बार देखा है कि कुछ बिजनेस संगठनों ने लोगों के साथ विश्वासघात किया है। कंपनी को जब नुकसान होता है तो परेशानियां आम लोगों को झेलनी पड़ती हैं। कंपनी सचिव उचित और जिम्मेदार प्रशासन चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, उन्हें सुधार पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए ताकि पहले जो गलतियां हो चुकी हैं उनसे सीख लेकर उन्हें दोहराया नहीं जाए।
कोविंद ने कहा कि कॉरपोरेट गवर्नेस के सिद्धांत जटिल हैं। लेकिन ये सिद्धांत जिन मूल्यों पर आधारित हैं, वे बहुत स्पष्ट हैं। पारदर्शिता, जिम्मेदारी, सत्यनिष्ठा और निष्पक्षता इसके चार स्तंभ हैं। कंपनी सचिवों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कंपनी इन सिद्धांतों के मुताबिक चले। भारत ने व्यापार के क्षेत्र में अपनी साफ छवि प्रस्तुत करने और अपनी ब्रांड वैल्यू बढ़ाने के लिए रुपरेखा तैयार कर ली है। इसके लिए कंपनी लॉ को पारदर्शी तरीके से उपयोग लाना जरूरी है।
कोविंद का कहना था कि हमारे राष्ट्र निर्माण के लिए कुशल, पारदर्शी और कॉरपोरेट गवर्नेस मुख्य भूमिका निभाएंगे। इस काम में कंपनी सेक्रेटरी की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। इनकी ईमानदारी और सत्यनिष्ठा इसके लिए हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाएगी। इस कार्यक्रम में भारी उद्योग और सार्वजनिक उद्यम मंत्री अजरुन राम मेघवाल और वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर भी मौजूद थे।
आइसीएसआइ की स्थापना एक संसदीय अधिनियम द्वारा की गई थी। इसका काम देश में कंपनी सेक्रेटरीज के प्रोफेशन का नियमन और विकास करना है। देशभर में इसके 59,000 से अधिक सदस्य और करीब 3.5 लाख स्टूडेंट हैं। इस संस्थान का मुख्य उद्देश्य कंपनी सेक्रेटरी कोर्स के लिए उच्च गुणवत्ता-युक्त शिक्षा प्रदान करना है।





