जानिए, आर्थिक मोर्चे पर क्या खोया क्या पाया मोदी सरकार ने इन 100 दिनों में

शनिवार यानी 7 सितंबर को नरेंद्र मोदी सरकार-2 के 100 दिनों का कार्यकाल पूरा हो रहा है। इन 100 दिनों के भीतर सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं, जिनमें से उसे कुछ में सफलता हाथ लगी है तो कुछ का रिपोर्ट कार्ड उतना बेहतर नहीं आया जितनी उम्मीद की जा रही थी। शनिवार को सरकार की ओर से 100 दिनों की उपलब्धी पर रिपोर्ट कार्ड जारी किया जाएगा। सरकार ने अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए भी कई बड़े फैसले लिए हैं जिनका असर बाद में पता चलेगा। सरकार के दूसरे कार्यकाल के 100 दिन पूरे हो रहे हैं, अर्थव्यवस्था को बेहतर करने के लिए जानते है इस बीच सरकार ने क्या क्या फैसले लिए हैं.

बैंकों का विलय : हाल ही में मोदी सरकार ने 10 सरकारी बैंकों का विलय कर 4 बड़े बैंक बनाने का एलान किया है। इसके बाद देश में सरकारी बैंकों की संख्या घटकर 12 रह जाएगी। इसके अलावा लोन को रेपो दर से जोड़कर लोगों को सस्ते कर्ज का रास्ता भी खोल दिया गया है। जिन बैंकों का विलय हुआ है उनमें ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक का पंजाब नेशनल बैंक में विलय किया गया। सिंडिकेट बैंक को केनरा बैंक और इलाहाबाद बैंक को इंडियन बैंक में मिलाया गया। आंध्रा बैंक और कॉरपोरेशन बैंक को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से जोड़ने का एलान किया गया है।

फसलों की एमएसपी बढ़ी: सरकार ने सौ दिन के भीतर ही 14 खरीफ फसलों की एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) भी बढ़ा दिया है। इनमें उड़द दाल, धान, कपास, अरहर दाल, तिल, सूरजमुखी और सोयाबीन शामिल हैं।

FPI से सरचार्ज वापस: पिछले दिनों वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) पर से विवादास्पद कर अधिभार को वापस लेने की घोषणा की। बजट में उनपर सरचार्ज बढ़ा दिया गया था। इसके अलावा LTCG और STCG पर लगे बढ़ाए गए अधिभार को वापस लेने की घोषणा हुई।

PSU बैंकों को 70,000 करोड़ रुपये: वित्त मंत्री ने बाजार में 5 खरब रुपये की नकदी जारी करने के लिए सरकारी क्षेत्र के बैंकों में 70,000 करोड़ रुपये तक का निवेश करने की घोषणा की। वित्त मंत्री के निर्देशों के मुताबिक, अब बैंकों को उपभोक्ताओं को रेपो रेट घटाने पर उसका फायदा देना होगा।

मजदूरों के लिए पेंशन योजनाएं: सरकार ने घोषणापत्र में किए कई वादे जैसे किसानों, छोटे व्यापारियों और असंगठित मजदूरों के लिए पेंशन योजनाएं, सभी किसानों के लिए पीएम-किसान योजना का विस्तार और जल शक्ति मंत्रालय की स्थापना को पूरा करने के लिए कदम उठाए।

15 दिन में KCC: किसानों को साहूकारों से मुक्ति दिलाने के लिए सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) पर बड़ा फैसला लिया, ताकि किसान किसी व्यक्ति की बजाय बैंकों से सबसे सस्ती दर पर पैसा लेकर खेती-किसानी को आगे बढ़ा सकें। सरकार ने बैंकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि आवेदन के 15वें दिन तक यानी दो सप्ताह के अंदर ही केसीसी बन जाए। किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए बैंकों को निर्देश है कि वह गांव-गांव में कैंप लगाएं।

सरकार ने ऑटो सेक्टर एवं एनबीएफसी सेक्टर को मजबूती देने के लिए विभिन्न कदम उठाए हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वादा किया है कि सरकार रियल एस्टेट सेक्टर और घर खरीदार को राहत देने की दिशा में प्रयास करेगी।

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