भारत-पाक वीजा फ्री यात्रा पर हुए सहमत, अब पूरे साल खुला रहेगा…

करतारपुर कॉरिडोर पर भारत और पाकिस्तान के अधिकारियों के बीच तीसरे दौर की वार्ता खत्म हो गई है. भारत के सिख श्रद्धालु अब बिना वीजा के पूरे साल करतारपुर साहिब के दर्शन करने के लिए जा सकेंगे. इस कॉरिडोर के जरिए भारतीय मूल के वैसे लोग जिनके पास OCI (Overseas Citizenship of India) कार्ड है वो भी करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए आ-जा सकेंगे. बुधवार को अटारी बॉर्डर पर दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई. हालांकि दो मुद्दे ऐसे रहे जिन पर दोनों देशों के बीच सहमति नहीं बन पाई.

भारत-पाकिस्तान के बीच हुए समझौते के बाद करतारपुर कॉरिडोर के जरिए रोजाना 5000 श्रद्धालु दर्शन के लिए जा सकेंगे. विशेष मौकों पर ज्यादा श्रद्धालु भी यहां पहुंच सकेंगे. पाकिस्तान ने भारत को भरोसा दिलाया है कि वो श्रद्धालुओं की अधिकतम संख्या को करतारपुर कॉरिडोर आने की इजाजत देना चाहता है.

करतारपुर कॉरिडोर साल के 365 दिन खुला रहेगा. श्रद्धालुओं के पास ये विकल्प होगा कि वे अकेले जा सकेंगे या फिर उनके पास समूह में जाने की सुविधा होगी. व्यवस्था के मुताबिक श्रद्धालु पैर ही यहां पर आएंगे. दोनों ही पक्ष बुढ़ी रावी नहर (Channel) पर पुल बनाने को राजी हो गए हैं.

बुधवार को दोनों देशों के बीच हुई बैठक में करतारपुर कॉरिडोर से आपात निकासी पर भी चर्चा हुई. दोनों देश आपात निकासी प्रक्रिया पर राजी हो गए है, खासकर उन मौकों के लिए जब मेडिकल इमरजेंसी की हालत हो. इस उद्देश्य के लिए बीएसएफ और पाकिस्तान रेजर्स के बीच सीधी बातचीत की व्यवस्था होगी. दोनों देश कॉरिडोर से करतारपुर जाने वाले यात्रियों की जानकारी को मुहैया कराने की प्रक्रिया पर भी सहमत हो गए हैं.

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पाकिस्तान श्रद्धालुओं के बीच बंटने वाले प्रसाद और लंगर के लिए भी जरूरी इंतजाम करने पर सहमत हो गया है. दोनों देश यात्रियों को सुरक्षित और सौहार्द्रपूर्ण माहौल मुहैया कराने पर सहमत हुए हैं.

भारत ने पाकिस्तान से एक बार फिर से आग्रह किया है कि वो सिख यात्रियों के साथ भारत के प्रोटोकॉल ऑफिसर को जाने दे, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो. पाकिस्तान गुरुद्वारा परिसर में भारतीय अधिकारियों की उपस्थिति को लेकर भी एतराज जता रहा है. लेकिन भारत की इस मांग से पाकिस्तान राजी नहीं दिख रहा है. इसके अलावा पाकिस्तान श्रद्धालुओं से सर्विस फी भी लेना चाहता है. इन दो बिंदुओं पर अंतिम सहमति होनी बाकी है. 

यात्रियों की सुविधा के लिए भारत अंतरराष्ट्रीय सीमा में एक शानदार बस टर्मिनल बना रहा है. इस टर्मिनल में 15000 लोगों के रहने-ठहरने की व्यवस्था होगी. इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय सीमा तक जाने वाली 4 लेन की सड़क निर्माण का काम भी तेजी से चल रहा है. सितंबर के अंतिम दिनों तक ये सड़क तैयार हो जाएगी.

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