भालुओं की हर एक एक्टिवटी को देखने के लिए बेहतरीन जगह है दारोजी सैंक्चुअरी

हम्पी से लगभग 30 किलोमीटर दूर भालुओं का दारोजी भालू अभयारण्य है। हम्पी से वहां तक की यात्रा करते हुए उत्तरी कर्नाटक के खेत, उनके बीच इधर-उधर अपनी भेड़ों के झुंड के साथ गड़रिए देखे जा सकते हैं। खेतों के पार जंगल की शुरुआत होती है और उस जंगल में भालुओं की तादाद ज्यादा होने के कारण उसे भालुओं के अभयारण्य का दर्जा दे दिया गया है।

दारोजी भालू अभयारण्य
कर्नाटक का दारोजी बियर सैंक्चुअरी एकमात्र ऐसी जगह है जहां आकर स्लोथ बियर देखने का मौका मिलता है। ये सैंक्चुअरी बेल्लारी जिले में स्थित है। स्लोथ बियर के अलावा यहां तेंदुए, सियार, ब्लैक नेप्ड खरगोश, नेवले आदि भी घूमते हुए नज़र आ जाएंगे।

लेकिन दारोजी का खास आकर्षण हैं स्लोथ बियर। सैंक्चुअरी के अंदर बनी गुफाओं और घनी झाड़ियों में इन भालुओं को आराम करते हुए देखना आम है। अगर आप वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी के शौकीन हैं तो आपके लिए यहां एक वॉच टावर भी है जहां से भालुओं के हर एक मूवमेंट को देखा और कैप्चर किया जा सकता है। सोने से लेकर शिकार करने तक।
भालू को मीठा बहुत पसंद होता है इसलिए सैंक्चुअरी की ज्यादातर जगहों पर गन्नों की खेती की गई है। इसके अलावा बेर, महुआ और भी दूसरे मीठे अनाज उनके खाने के लिए मौजूद हैं। सैंक्चुअरी में कई तरह के लुप्तप्राय पेड़-पौधे भी मौजूद हैं। जमीन पर रहने के साथ ही भालू पेड़ों पर चढ़ने में भी एक्सपर्ट होते हैं। 82.7 स्क्वेयर किमी में फैली ये सैंक्चुअरी इन भालुओं के रहने और शिकार करने के लिए हर तरीके से अनुकूल है और यही वजह से यहां उनकी संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है।
टाइमिंग- सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक
फीस- 50 रुपए (भारतीयों के लिए), 300 रुपए (विदेशी सैलानियों के लिए)
कैसे पहुंचे
हवाई मार्ग- हुबली यहां का नज़दीकी एयरपोर्ट है जहां से हम्पी की दूरी 143 किमी है।
रेल मार्ग- होसपेट, दारोजी बियर सेंक्चुअरी तक पहुंचने का नज़दीकी रेलवे स्टेशन है। जिसकी दूरी यहां से 22 किमी है।
सड़क मार्ग- बेंगलुरु-चित्रदुर्गा सड़क मार्ग द्वारा 199 किमी का सफर तय करके आप यहां तक आसानी से पहुंच सकते हैं। वहीं होसपेट से 135 किमी की दूरी पर है ये भालू अभ्यारण्य।





