टीसीएफएस : कॉफी डे ग्रुप कंपनियों पर कोई बकाया नहीं

टाटा कैपिटल फाइनेंशियल सर्विसेज (टीसीएफएस) ने स्पष्ट किया है कि कॉफी डे ग्रुप की कंपनियों पर अब उसका कोई बकाया नहीं है। कंपनी के मुताबिक कॉफी डे ग्रुप की कंपनियों पर उसका सबसे ज्यादा 165 करोड़ रुपये बकाया वित्त वर्ष 2017-18 में था। लेकिन मार्च, 2019 तक ग्रुप कंपनियों ने पूरा कर्ज चुकता कर दिया है। पिछले दिनों कॉफी डे इंटरप्राइजेज के संस्थापक वीजी सिद्धार्थ ने आत्महत्या कर ली थी।

उससे पहले अपने कर्मचारियों को लिखे पत्र में उन्होंने खुद पर बड़े वित्तीय दबाव का जिक्र किया था। एक सवाल के जवाब में टीसीएफएस ने कहा कि कैफे कॉफी डे (सीसीडी) ग्रुप पर उसका सबसे ज्यादा 165 करोड़ रुपये बकाया वित्त वर्ष 2017-18 में था। उस पूरे बकाये का भुगतान पिछले वित्त वर्ष की समाप्ति (31 मार्च, 2019) से पहले हो गया था। कंपनी के मुताबिक कॉफी डे इंटरप्राइजेज लिमिटेड (सीडीईएल) या कैफे कॉफी डे (सीसीडी) ग्रुप की किसी भी कंपनी पर अब उसका कोई बकाया नहीं है।
सीडीईएल और ग्रुप कंपनियों द्वारा कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय को दी गई सूचना के मुताबिक सिद्धार्थ व्यक्तिगत और कंपनियों के कर्ज के भुगतान की कोशिशों में जुटे हुए थे। इसके लिए वे ग्रुप की सूचीबद्ध और चार गैर-सूचीबद्ध कंपनियों में अपने शेयर गिरवी रखकर रकम जुटाना चाह रहे थे। बीते वित्त वर्ष के आखिरी दिन तक की सूचना के मुताबिक सिद्धार्थ बीएसई में सूचीबद्ध सीडीईएल में 75 फीसद से अधिक हिस्सेदारी गिरवी रख चुके थे। सिद्धार्थ की कई कंपनियों ने बैंकों और वित्तीय संस्थाओं समेत कई अन्य स्रोतों से उनके कॉफी से अलग कारोबारों के लिए रकम जुटाए थे।





