र्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस के 11 विधायकों ने अपने पद से दे दिया इस्‍तीफा, कुमारस्वामी सरकार पर संकट

कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस के 11 विधायकों ने इस्‍तीफा दे दिया है। इन विधायकों में बीसी पाटिल (BC Patil), एच विश्वनाथ (H Vishwanath), नारायण गौड़ा (Narayan Gowda), शिवराम हेब्बर (Shivaram Hebbar), महेश कुमाथल्ली (Mahesh Kumathalli), प्रताप गौड़ा पाटिल (Pratap Gowda Patil), रमेश जारकीहोली (Ramesh Jarkiholi) और गोपालैया (Gopalaiah) शामिल हैं।

बताया जाता है कि जब ये विधायक विधानसभा अध्‍यक्ष केआर रमेश कुमार को अपना इस्‍तीफा सौंपने उनके दफ्तर पहुंचे तो वह मौजूद नहीं थे। इसके बाद इन विधायकों ने अपना इस्‍तीफा विधानसभा अध्‍यक्ष कार्यालय में संबंधित सचिव को सौंपा। मौजूदा घटनाक्रम के बारे में विधानसभा अध्‍यक्ष ने कहा कि मैं अपनी बेटी को रिसीव करने के लिए घर चला गया था। मैंने अपने कार्यालय से विधायकों का इस्तीफा लेने के लिए कहा है। कुल 11 सदस्यों ने इस्तीफा दिया है। कल यानी रविवार को अवकाश है। अत: मैं सोमवार को ही अब इस मामले को देखूंगा।

शनिवार को विधानसभा अध्‍यक्ष केआर रमेश कुमार से मिलने पहुंचे दोनों दलों के विधायकों की खबर जैसे ही सामने आई सूबे का सियासी माहौल एकबार फिर गरमा गया। शुरुआत में राज्‍य के मंत्री डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) ने कहा कि मैं सभी विधायकों से मिल चुका हूं जो विधानसभा अध्‍यक्ष के कार्यालय पहुंचे हैं। उन्‍होंने दावा किया कि कोई भी विधायक इस्‍तीफा देने नहीं जा रहा है। सरकार को किसी तरह का खतरा नहीं है। लेकिन विधायकों के इस्‍तीफे से उनके दावे गलत साबित हुए।

विधानसभा अध्‍यक्ष के कार्यालय पहुंचे कांग्रेस विधायक रामालिंगा रेड्डी (Ramalinga Reddy) ने कहा कि मैं विधानसभा अध्‍यक्ष को अपना इस्‍तीफा सौंपने आया हूं। मैं अपनी बेटी (कांग्रेस विधायक सौम्‍या रेड्डी, Sowmya Reddy) के अगले कदम के बारे नहीं जानता। उन्‍होंने कहा कि मैं पार्टी में किसी को भी इसका दोष नहीं दे रहा हूं। मुझे लगता है कि कुछ मुद्दों पर मेरी उपेक्षा की जा रही है। इसीलिए मैंने इस्‍तीफा देने का फैसला लिया है।

इस बीच भाजपा सांसद जीवीएल नरसिम्‍हा राव ने कहा है कि कर्नाटक की जनता ने कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन को नकार दिया है। लोकसभा चुनावों में दोनों की दलों ने मिलकर चुनाव लड़ा बावजूद इसके भाजपा राज्‍य में भारी बहुमत हासिल करने में सफल रही। भाजपा की प्रचंड जीत राज्‍य के लोगों के मूड को स्‍पष्‍ट तौर पर बता रही है। निश्चित रूप से विपक्ष के विधायक भी गठबंधन के खिलाफ जनता के गुस्से का सामना कर रहे हैं।

विधानसभा अध्‍यक्ष से मिलने पहुंचे कांग्रेस विधायक बीसी पाटिल ने कहा कि मेरे क्षेत्र और उत्तर कर्नाटक के लोगों के साथ अन्याय हुआ है। गौर करने वाली बात यह है कि इन दिनों मुख्‍यमंत्री एचडी कुमारस्‍वामी अमेरिका के दौरे पर हैं। माना जा रहा है कि इससे राज्‍य में उपजे मौजूदा संकट से सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अभी हाल ही में कांग्रेस के विधायक आनंद सिंह ने विधानसभा अध्‍यक्ष को अपना इस्‍तीफा सौंपा था।

बता दें कि बीते विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 104 सीटों पर जीत दर्ज की थी लेकिन राज्‍य में सरकार बनाने में वह नाकाम रही थी। मौजूदा गठबंधन सरकार को 117 विधायकों का समर्थन हासिल है। इसमें कांग्रेस के 78 जबकि जेडीएस के 37 विधायक शामिल हैं। इस साल हुए लोकसभा चुनाव में राज्‍य की 28 लोकसभा सीटों में से भाजपा ने 25 सीटों पर जीत दर्ज की थी जबकि कांग्रेस और जेडीएस को एक-एक सीटों पर जीत हासिल हुई थी।

देवेगौड़ा जता चुके हैं आशंका
पूर्व प्रधानमंत्री और JDS नेता एचडी देवेगौड़ा ने कर्नाटक में उनके पुत्र कुमारस्वामी की सरकार के पांच साल चलने को लेकर पहले ही आशंका जता चुके हैं। पिछले ही महीने उन्होंने एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने कहा था, वे हमें पांच साल तक समर्थन देंगे, लेकिन अब उनका व्यवहार पांच साल सरकार चलाने का नहीं लगता। देवेगौड़ा ने कहा था कि कर्नाटक में गठबंधन का सुझाव हमारा नहीं था, बल्कि यह सुझाव यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद की तरफ से आया था।

बता दें कि कुछ कांग्रेस नेताओं का कहना था कि कर्नाटक में गठबंधन से कांग्रेस और जेडीएस दोनों पार्टियों को नुकसान हो रहा है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए देवेगौड़ा ने कहा, ‘मैंने तो उनसे कहा था कि हम गठबंधन नहीं चाहते हैं, लेकिन वरिष्ठ कांग्रेस नेता जी परमेश्वर और केएच मुनियप्पा ने हमसे इस संबंध में संपर्क किया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुझसे कहा कि मैंने उन्हें यह गठबंधन करवाने का आदेश दिया है।’

बता दें कि हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात के बाद कहा था कि गठबंधन का फायदा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा था कि अगर कांग्रेस राज्य में अकेले चुनाव लड़ती तो लोकसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करती। इस पर भी देवेगौड़ा ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था।

मुख्यमंत्री लगा चुके हैं भाजपा पर आरोप
इससे पहले पिछले ही महीने राज्य के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने भाजपा पर जेडीएस विधायकों को तोड़ने की कोशिश का आरोप लगाया था। कुमारस्वामी ने कहा था कि भारतीय जनता पार्टी ने हमारे एक विधायक को 10 करोड़ रुपये का लालच दिया है। उन्होंने कहा, विधायक ने मुझे बताया कि भाजपा के नेता का उसके पास फोन आया था। उन्होंने जेडीएस छोड़ने और भाजपा में शामिल होने के लिए 10 करोड़ रुपये की पेशकश की। कुमारस्वामी ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा के नेताओं द्वारा लगातार इस प्रकार का प्रयास किया जा रहा है।

कर्नाटक सरकार गिरती है तो भाजपा देगी विकल्प
केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता डीवी सदानंद गौड़ा ने भी पिछले महीने कर्नाटक के राजनीतिक संकट को लेकर एक बयान दिया था। उस वक्त उन्होंने कहा था कि अगर कर्नाटक में जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन सरकार खुद से गिरती है तो सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते भाजपा विकल्प खोजेगी। उन्होंने दावा किया कि विकास के रास्ते में राजनीति बाधा नहीं बनेगी। गौड़ा ने कहा था कि मोदी सरकार में शामिल कर्नाटक के मंत्री राज्य के हित के लिए काम करेंगे। उन्होंने इन आरोपों को भी खारिज किया कि भाजपा गठबंधन सरकार गिराने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी राज्य सरकार को गिराने के लिए कोई काम नहीं करेगी।

Back to top button