आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पहुंचीं संसद, 11 बजे से पेश होगा बजट

आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला फुल बजट पेश करेंगी। कल पेश हुए आर्थिक सर्वेक्षण से मिले संकेतों के आधार पर देखा जाए तो बजट 2019 में सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की होगी और इसे ध्यान में रखते हुए कई अहम घोषणाओं को किए जाने की उम्मीद है।

वित्तमंत्री यह बजट ऐसे वक्त पेश करने जा रही हैं जब देश की अर्थव्यवस्था में कमजोरी आई है। खराब मानसून की आशंका, वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुस्ती और व्यापारिक युद्ध की चुनौतियां पहले से ही सामने हैं। बढ़ते व्यापारिक तनाव की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिति डांंवाडोल हो रही है। उम्मीद की जा रही है कि सीतारमण अपने बजट में खर्च बढ़ाने और कर राहत की घोषणा कर सकती है। 2019 के पहले तीन महीनों में जीडीपी कम होकर 5.8 फीसदी हो चुकी है, जो पांच सालों का न्यूनतम स्तर है। भारत की आर्थिक वृद्धि दर चीन से भी नीचे जा चुकी है, जो 6.4 फीसदी रहा है।

Union Budget 2019 Live Updates: 

10.23 am: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव, सेंसेक्स ने गंवाई बढ़त, लाल निशान में कारोबार कर रहा बाजार।

10.19 am: संसद भवन पहुंची वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण। 11 बजे शुरू होगा बजट भाषण।

9.45 am: परंपरा के मुताबिक बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति से मिलीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण।

 9.40 am: बजट से पहले हल्की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा बाजार। सेंसेक्स में करीब 100 अंकों की बढ़त।

9.30 am: बजट पेश किए जाने से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर, वित्तीय सचिव एस सी गर्ग, मुख्य आर्थिक सलाहकार के सुब्रमण्यम और अन्य अधिकारी। 11 बजे लोकसभा में पेश होगा बजट 2019। ब्रीफकेस की बजाए लाल कपड़े में लिपटा ”बही खाता”। पहले ब्रीफकेस में पेश होता था बजट।

9:16 am: बजट से पहले भारतीय शेयर बाजार की सपाट शुरुआत। सेंसेक्‍स में 40.35 और निफ्टी में 15.10 अंकों की तेजी।

8:49 am : वित्त मंत्रालय पहुंची निर्मला सीतारमण। लोकसभा में 11 बजे आम बजट पेश करेंगी वित्त मंत्री।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में बजट पेश करेंगी। बतौर वित्त मंत्री यह उनका पहला बजट होगा।

चुनाव से पहले मोदी सरकार का अंतरिम बजट 2019, तत्कालीन वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने पेश किया था।

रिजर्व बैंक आर्थिक वृद्धि को रफ्तार देने के लिए इस साल तीन बार ब्याज दरों में कटौती कर चुका है, ऐसे में सबकी नजरें अब सरकार पर टिकी हुई हैं। सरकार के सामने बड़ी चुनौती राजकोषीय संतुलन को बनाने की भी है। ग्रोथ में कमी आने की वजह से सरकार के लिए राजस्व लक्ष्य को पूरा करना मुश्किल होगा। ऐसे में सरकार को कर्ज का रास्ता लेना पड़ सकता है। इसके साथ ही सब्सिडी आवंटन में कटौती हो सकती है, जिसका असर सरकार के राजकोषीय गणना पर पड़ेगा।

आर्थिक सर्वेक्षण की महत्वपूर्ण बातें-

आर्थिक सर्वेक्षण 2019 में देश में अधिक रोजगार के मौका पैदा करने के लिए श्रम कानूनों में ढील देने का सुझाव दिया है।

वित्‍त वर्ष 2025 तक भारत को 5 लाख करोड़ डॉलर की इकोनॉमी बनाने का लक्ष्‍य रखा गया है। इसके लिए भारत की आर्थिक विकास दर सालाना 8 फीसद होने की जरूरत है।

वित्त वर्ष 2019 में सामान्य वित्तीय घाटा 5.8 फीसद रहा जो वित्त वर्ष 2018 में 6.4% था। 5 साल में औसत मुद्रास्फीति की दर पिछले 5 साल की तुलना में आधे से कम रही।

आर्थिक सर्वे में वित्‍त वर्ष 2019-20 में जीडीपी ग्रोथ रेट 7 फीसद रहने का अनुमान जताया गया है। वित्‍त वर्ष 2018-19 में जीडीपी ग्रोथ रेट पांच साल के न्‍यूनतम स्‍तर पर रहा था।

वित्‍त वर्ष 2019 में राजकोषीय घाटा 5.8 फीसद रहने का अनुमान आर्थिक सर्वे में जताया गया है। इसमें कहा गया है पिछले साल में ग्रोथ रेट औसत 7.5 फीसदी जितनी अधिक रही।

आर्थिक सर्वे में कहा गया है कि आने वाले दिनों में तेल की कीमतों में गिरावट आ सकती है। सर्वे के अनुसार, तेल कीमतों में 2019-20 में गिरावट आएगी।

2019-20 के अंतरिम बजट में 5 लाख रुपये तक की आय पर कर छूट देने की घोषणा की गई थी। इस बजट में भी आयकर के मोर्चे पर अहम घोषणा किए जाने की उम्मीद है। इसके साथ ही कॉरपोरेट दर में भी कटौती किए जाने की उम्मीद है। फिलहाल 250 करोड़ रुपये से ज्यादा के कारोबारियों को 30 प्रतिशत की दर से कॉरपोरेट टैक्स देना होता है।

कल पेश हुए आर्थिक सर्वेक्षण में सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था का ब्लूप्रिंट पेश किया था। सरकार ने 2024-25 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य रखा है। सरकार ने इसके लिए 8 फीसदी आर्थिक विकास की दर का लक्ष्य रखा है।

सर्वेक्षण में मौजूदा वित्त वर्ष के लिए आर्थिक विकास दर का लक्ष्य 7 फीसद रखा गया है। हालांकि यह पिछले पांच सालों में सबसे कम रही विकास दर से ज्यादा है। वित्त वर्ष 2018-19 में जीडीपी 6.8 फीसद रही है।

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