पंजाब के गुरदासपुर से भाजपा सांसद सनी देयोल ने क्षेत्र के लिए नियुक्त किया अपना प्रतिनिधि….

नवनिर्वाचित भाजपा सांसद सनी देयोल फिर सवालों के घेरे में आ गए हैं। उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र गुरदासपुर के लिए प्रतिनिधि नियुक्त किया है। उन्होंने मोहाली के गुरप्रीत सिंह पलहेड़ी को अपना प्रतिनिधि नियुक्त किया है, जो उनकी गैरमौजूदगी में प्रशासन की बैठकों में हिस्सा लेंगे व क्षेत्र से संबंधित उनका सारा कामकाज देखेंगे। लोग सनी केे इस कदम पर सवाल उठा रहे हैं और निशाना साध रहे हैं। लोगों का कहना है कि हमने सनी देयोल को अपना सांसद चुना है न कि गुरप्रीत को। लोकसभा चुनाव में उनके प्रतिद्वंद्वी रहे सुनील जाखड़ ने भी सनी देयोल पर निशाना साधा है। संविधान विशेषज्ञ केटीएस तुलसी ने भी सनी के इस कदम पर सवाल उठाया है।
गुरदासपुर संसदीय क्षेत्र के कामकाज के लिए प्रतिनिधि नियुक्त किया तो मचा बवाल
गुरप्रीत मोहाली के गांव पलहेड़ी के रहने वाले हैं। सनी ने नियुक्ति पत्र में लिखा है कि वह गुरप्रीत सिंह को अपना प्रतिनिधि नियुक्त करते हैं, ताकि वह प्रशासनिक अधिकारियों के साथ होने वाली बैठकों में हिस्सा ले सकें। वह हलके से जुड़े अन्य मामलों में अपनी भूमिका अदा कर सकते हैं। वहीं, पटियाला से आप के पूर्व सांसद धर्मवीर गांधी ने भी इस पर आपत्ति जताई है।

सनी देयोल और उनके प्रतिनिधि गुरप्रीत सिंह पलहेड़ी।
सनी की जगह बैठकों में शामिल होंगे, कामकाज की फीडबैक लेंगेउन्होंने कहा है कि ऐसा करना गलत है।
संगरूर से आप सांसद भगवंत मान ने कहा कि ज्यादातर सांसद ऐसा करते हैं। संसद में तो प्रतिनिधि सनी देयोल ही रहेंगे। इससे पहले विनोद खन्ना या किसी अन्य सांसद ने कभी प्रतिनिधि नियुक्त नहीं किया था। भाजपा के जिला अध्यक्ष बालकृष्ण मित्तल ने कहा कि सनी देयोल ने हलके में कामकाज देखने के लिए प्रतिनिधि नियुक्त किया है। इसका तो स्वागत करना चाहिए।
सोशल मीडिया पर आलोचना
सोशल मीडिया पर लोग सनी के इस कदम की आलोचना कर रहे हैं। लोग सवाल कर रहे हैं कि उन्होंने सनी देयोल को सांसद चुना है या गुरप्रीत को। कुछ ने कहा कि गुरदासपुर के लोग ठगे गए हैं। सनी खुद गुरदासपुर नहीं आना चाहते। उन्हें पूरे गुरदासपुर लोकसभा हलके से एक भी योग्य आदमी नहीं मिला। प्रतिनिधि भी वह लिया जो 200 किलोमीटर दूर मोहाली में रहता है और सनी खुद 1800 किलोमीटर दूर मुंबई में रहते हैं।
सुनील जाखड़ और टीएस तुलसी ने भी साधा निशाना
लोकसभा चुनाव में सनी देयोल से पराजित हुए पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने भी सनी देयोल पर गुरदासपुर में अपना प्रतिनिधि नियुक्त करने के लिए निशाना साधा है। उन्होंने कहा, मार्केटिंग में ग्राहक हमेशा सही होता है तो लोकतंत्र में मतदाता हमेशा सही होता है। इसे सभी को स्वीकार करना होगा। मतदाताओं ने सनी देयोल से सेल्फी के अलावा कभी भी कोई उम्मीद नहीं की थी। ऐसे में इस मामले पर कुछ कहना गैरजरूरी होगा।
संविधान विशेषज्ञ केटीएस तुलसी ने भी सनी देयाेल के इस कदम पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि एक सांसद सीधे लोगों का प्रतिनिधित्व करता है। वह लोगों की समस्या का समाधान करने के लिए जवाबदेह है। ऐसे में अगर उसे लगता है कि कोई और व्यक्ति लोगों की समस्या व शिकायतों को समझने के लिए अधिक उपयुक्त है, तो वह इस्तीफा दे सकता है। वह ऐसे व्यक्ति से अपनी जगह चुनाव लड़ने के लिए कह सकता है।
फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हैं गुरप्रीत
गुरप्रीत पलहेड़ी ने अपना काम शुरू कर दिया है। वह आइकेजी पीटीयू कैंपस दोदवां व रेडक्रॉस नशा छुड़ाओ केंद्र का अधिकारिक दौरा कर चुके हैं। वह फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हैं और बतौर लाइन प्रोड्यूसर व लेखक कई हिंदी व पंजाबी फिल्मों में काम कर चुके हैं। वह फिल्म ‘वीर जारा’ की टीम का हिस्सा थे। उन्होंने सनी देयोल के साथ फिल्म ‘यमला पगला दीवाना, घायल वन्स अगेन फिल्मों में बतौर लाइन प्रोड्यूसर काम किया है। पंजाबी फिल्म अरदास, सज्जन सिंह रंगरूट आदि कई फिल्मों मे पर्दे के पीछे अहम भूमिका निभाई।
नियमों में जिक्र नहीं
सांख्यिकी मंत्रालय के निर्देशों में कहा गया है कि संबंधित डीसी हर तीन माह बाद एमपी लैड के कामों का रिव्यू करेंगे। संबंधित सांसद को न्योता देंगे। इसकी रिपोर्ट मंत्रालय को भी भेजी जाएगी। एमपी लैड के काम के लिए प्लानिंग विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है। एक अधिकारी ने कहा कि सांसद व डिप्टी कमिश्नर के रुतबे में काफी अंतर होता है, इसलिए आमतौर पर सांसद डिप्टी कमिश्नरों की मीटिंग में शामिल नहीं होते।





