एल्युमिनाई एसोसिएशन के पूर्व छात्रों ने बोर्ड सदस्यों को ई-मेल भेजकर उठाए प्रश्न

 आइआइटी कानपुर में प्रो. सेडरेला का मामला अभी तक ठीक से शांत भी हो सका है, कि अब एक और प्रोफेसर पर अंगुली उठ रही है। विदेशों में कार्यरत पूर्व छात्रों के एक ई-मेल ने इन दिनों हलचल मचा दी है। इस ई-मेल ने प्रोफेसर पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है लेकिन संस्थान के निदेशक अभी तक कोई संज्ञान नहीं लिया है।

बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्यों को ई-मेल

आइआइटी कानपुर में पीएचडी की थीसिस कॉपी करने के मामले में एल्युमिनाई एसोसिएशन के पूर्व छात्रों ने बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्यों को ईमेल भेजा है। उन्होंने बिना नाम लिए एयरोस्पेस विभाग में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर की थीसिस पर सवाल उठाए हैं। रोल नंबर के जरिये उन्होंने बोर्ड के सदस्यों से सवाल पूछा है कि विदेशों में फैली आइआइटी की साख क्या इससे प्रभावित नहीं हो रही है? यहां के मेधावी छात्रों के बीच इसका क्या संदेश जाएगा?

ई-मेल में लिखी है ये बातें

एल्युमिनाई एसोसिएशन के पूर्व छात्रों ने ईमेल कर यह पूछा है कि इस मामले में कोई ठोस निर्णय क्यों नहीं लिया गया? जिस संस्थान में एमटेक की थीसिस में जरा सी खामियां होने पर उसे रद कर दिया जाता है तो इस केस ऐसा क्या है जो इसे दूसरी तरह से देखा जा रहा है। यूएस, यूके, जर्मनी व फ्रांस समेत अन्य देशों में आइआइटी के छात्र उच्च पदों पर कार्यरत हैं। यहां के छात्र बड़ी मेहनत से डिग्री पाते हैं। अगर जरा भी कमी होती है तो उन्हें उस सेमेस्टर में दोबारा पढ़ाई करनी पड़ती है। पीएचडी की थीसिस कॉपी करना गंभीर मामला है। ताज्जुब की बात यह है कि निदेशक ने इस पर कोई ठोस एक्शन नहीं लिया। पूर्व छात्रों के इस पत्र से आइआइटी में हलचल मच गई है।

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