पहले तो इस मौत को सामान्य बताया गया था, लेकिन शक हुआ तो कब्र से निकाली लाश

31 मई को पांच साल के मासूम विहान की पानी की टंकी में डूबने से हुई मौत के मामले में गुरुवार को नया मोड़ आ गया। पहले तो इस मौत को सामान्य बताया गया था, लेकिन बुधवार को परिवार ने हत्या का संदेह जताते हुए पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए शव का पोस्टमॉर्टम कराने की मांग की थी। जिसके बाद तहसील और पुलिस के अमले की मौजूदगी में कब्र में दफ्न बच्चे के शव को गुरुवार को बाहर निकाला गया और पोस्टमॉर्टम कराया गया।
इस मामले में तहसीलदार एसएल मरावी ने बताया कि, परिवार के लोगों ने संदेह जताया कि विहान की मौत सामान्य नहीं है। परिवार के शक जताने पर प्रशासन भी हरकत में आया और मामले को संदिग्ध मानते हुए कब्र से शव निकालकर पीएम कराने का फैसला किया गया। जिसके बाद गुरुवार को डॉक्टरों ने बच्चे का पोस्टमॉर्टम किया। फिलहाल पुलिस को इसकी रिपोर्ट नहीं सौंपी गई है। लेकिन परिवार अभी भी हत्या की आशंका जता रहा है।
पड़ोसी के घर की पानी की टंकी में हुई थी मौत
बता दें कि 31 मई को विहान पड़ोस में रहने वाले अपने रिश्तेदार के घऱ में मौजूद पानी की टंकी में डूबा मिला था। आनन-फानन में घरवाले उसे पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां डॉक्टरों ने विहान को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिवार वालों ने विहान की मौत के दूसरे दिन सुबह उसके शव को दफना कर उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया।
5 दिन बाद परिवार ने जताई हत्या की आशंका
इकलौते बेटे विहान की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा था। मुश्किल घड़ी में परिवार का दर्द बांटने पहुंचे रिश्तेदारों ने मौत पर संदेह जताते हुए घटनास्थल जाकर देखा। इसके बाद परिजनों ने विहान की मौत पर आशंका जताई। परिजनों के शक के बाद विहान के पिता ने मौत को संंदिग्ध मानते हुए पहले पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई और बाद में शव के पीएम के लिए तहसीलदार को आवेदन दिया। पुलिस और प्रशासन ने इस मामले को गंभीर मानते हुए तुरंत शव को क्रब से निकालकर मौत की असल वजह जानने के लिए पीएम कराने का फैसला किया।
31 मई को ये घटना हुई, घरवाले बच्चे को अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां से तहरीर थाने को नहीं मिली। पांच दिन बाद परिवार की शिकायत पर बच्चे के शव को कब्र से निकालकर पीएम किया गया है। अब जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्यवाही होगी।
-कंवलजीत सिंह रंधावा, थाना प्रभारी पांढुर्ना
ऐसे कुछ मामलें में कानूनी प्रक्रिया होती है कि घटना किस परस्थिति में हुई है। जिसके बाद परिवार वालों के संदेह पर शव का पीएम कराने की कार्यवाही की जाती है। डॉक्टर की रिपोर्ट पर आगे की कार्यवाही सुनिश्चित की जाती है





