बजरंग दल कार्यकर्ता की मौत से आक्रोशित भीड़ ने पुलिस टीम पर बोल दिया हमला

बजरंग दल कार्यकर्ता की मौत से आक्रोशित भीड़ ने पुलिस टीम पर हमला बोल दिया। जीप चला रहे दारोगा पर नशे में होने का आरोप लगाकर उसकी पिटाई शुरू कर दी। पीछे से पहुंची थाना पुलिस ने पिस्टल तानकर कानून हाथ में न लेने की चेतावनी दी। बाद में युवक के जिंदा होने की बात कहकर लोगों को शांत किया और जीप का पहिया खोलकर शव बाहर निकाला।
हादसे के बाद अगर थाना पुलिस समय से न पहुंचती तो आरोपित दारोगा की जान भी जा सकती थी। भीड़ की पिटाई से बचकर जब उसने भागने का प्रयास किया तो लोगों ने पैर में डंडा मारकर गिरा दिया। इसके बाद और बेरहमी से पिटाई की। एक युवक ने दारोगा की गर्दन पर चापड़ रख दिया। स्थिति अनियंत्रित होती देख थाना पुलिस और सीओ की टीम ने भीड़ पर पिस्टल तान दी। कानून हाथ में लेने पर गोली मारने की चेतावनी देने के बाद सभ्रांत लोग बीच में आए और दारोगा को भीड़ के चंगुल से छुड़वाया।
पुलिस ने बिïट्टू के जिंदा दबे होने और धैर्य रखने की अपील की। भीड़ शांत हुई तो पुलिस ने पहिए खोलकर नीचे फंसे शव को बाहर निकालकर एलएलआर अस्पताल भेजा। सीओ कल्याणपुर अजय कुमार के मुताबिक जीप के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण दारोगा और होमगार्ड उसमें फंस गए थे। भीड़ ने हमला बोल दिया था। समय रहते पुलिस ने उन्हें बचा लिया।
बजरंग दल व भाजपा के कार्यकर्ता भी पहुंचे
घटना की जानकारी होते ही बजरंगदल और भाजपा कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बुधवार को परिजनों की मांग को लेकर पुलिस-प्रशासन से बातचीत की। साथ ही मुआवजा न मिलने तक प्रदर्शन करने का एलान किया।
डीजीपी व मुख्यमंत्री कार्यालय से ली गई पल-पल की जानकारी
हादसे में धर्म से जोड़कर कोई माहौल खराब न कर दे। इसलिए पुलिस ने अतिरिक्त सतर्कता बरती। मुख्यमंत्री कार्यालय के अलावा डीजीपी एसएसपी से पल-पल की जानकारी लेते रहे।
मेडिकल में अल्कोहल की पुष्टि नहीं
जीप चला रहे दारोगा जाबिर का पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बुधवार सुबह मेडिकल कराया गया। सीओ कल्याणपुर के मुताबिक जांच में सामने आया कि दो बाइक सवारों को बचाने के प्रयास में जीप अनियंत्रित होने से हादसा हो गया। जाबिर शराब का सेवन नहीं करते हैं। वह पांच वक्त के नमाजी हैं। मेडिकल में भी अल्कोहल की पुष्टि नहीं हुई है।





