इनोवेशन / गिटार की तरह दिखता है फ्लाइंग-वी एयरक्राफ्ट, पहला विमान जिसके विंग्स में बैठकर सफर करेंगे यात्री

डच एयरलाइंस केएलएम, डेल्फ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर वी-शेप एयरक्राफ्ट तैयार किया है, यह दिखने में काफी हद तक गिबसन गिटार जैसा लगता है। इसे फ्लाइंग-वी एयरक्राफ्ट नाम दिया गया है, इसकी खास बात यह है कि यात्री इसके विंग्स में बैठकर सफर करेंगे, जो पारंपरिक ढ़ाचे से बिल्कुल अलग है। इसके निर्माताओं का कहना है कि यह प्लेन हाई एनर्जी एफिशिएंट है। यह काफी हल्का है इसके ऐरोडायनामिक आकार की वजह से यह लंबी दूरी तय करने के लिए यह काफी उपयोगी साबित होगा।

े

इस खास तरह के फ्लाइंग-वी एयरक्राफ्ट के डिजाइन के पीछे टीयू बर्लिन के छात्र जसटस बेनाड की सोच है, जिसने 2015 में अपनी थिसिस प्रोजेक्ट के वक्त इस फ्यूचरिस्टिक एयरक्राफ्ट को डिजाइन किया था।

314 यात्रियों के बैठने की क्षमता

  1. केएलएम एयरलाइंस का कहना है कि यह दिखने में भले ही एयरबस ए350-900 से छोटा और हल्का है लेकिन यह प्लेन ए350 जितना ही लगैज (160m3 कार्गो स्पेस) और यात्री (314 पैसेंजर) को लेकर उड़ान भरने में सक्षम है।

    ो

  2. केएलएम के मुताबिक यह हाई एनर्जी एफिशिएंट है। इसके एरोडायनामिक शेप और हल्के होने के कारण यह वर्तमान के सबसे एडवांस्ड एयरक्राफ्ट ए350 से 20% कम ईंधन की खपत करता है।

    े

  3. इसके अंदर के डिजाइन जैसे सीट, बाथरूम के साथ बाकी चीजों को भी खासतौर से हल्का बनाया गया है। जिससे नए आकार में डिजाइन किए गए इस एयरक्राफ्ट को मैक्सिमम फ्यूल एफिशिएंट बनाया जा सके।

    े

  4. इसके डिजाइन में एयरबस ए350 की झलक देखने को मिलती है। इसमें भी 213 फीट लंबे विंग है, इस विमान में लोगों के बैठने की जगह विंग्स में ही दी गई है। कंपनी का कहना है कि वी-शेप डिजाइन के बावजूद यह एयरपोर्ट का मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे गेट और रन-वे का इस्तेमाल करेगा।

    े

  5. नए फ्लाइंग-वी में वर्तमान का सबसे ज्यादा फ्यूल एफिशिएंट टर्बो-फैन इंजन है, यह केरोसीन से भी चल सकता है। कंपनी फिलहाल एमिशन-फ्री फ्लाइट बनाने को लेकर काम कर रही है।

    े

Back to top button