पवन एक्सप्रेस 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार में थी ट्रेन, दहशत में चलती गाड़ी से ही कूदे तमाम यात्री

चित्रकूट के कटैया डांडी रेलवे स्टेशन के पास ब्रेक शू के पास आग लगने के दौरान पवन एक्सप्रेस 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार में थी। यात्रियों की निगाह पड़ी तो वे दहशत में आ गए। आनन फानन ट्रेन को रोका गया, हालांकि ट्रेन रुकने से पहले ही तमाम यात्री नीचे कूद गए। ट्रेन रुकने पर स्टेशन मास्टर व तकनीकी स्टाफ ने पहुंचकर आग बुझाई।
लोकमान्य तिलक टर्मिनल मुंबई से दरभंगा बिहार जाने वाली पवन एक्सप्रेस सोमवार तड़के करीब 3.45 बजे जबलपुर से आगे बढ़ी। ट्रेन सुबह 9.20 बजे कटैया डांडी रेलवे स्टेशन से आगे बढ़ी तभी एस-3 बोगी में ब्रेक शू के पास से धुआं उठता दिखा। देखते ही देखते आग लग गई। लपटें उठती देख कर यात्रियों में हड़कंप मच गया। आनन फानन चेन पुलिंग करने पर ट्रेन बरगढ़ स्टेशन पर रुक गई। 9.24 बजे स्टेशन पर ट्रेन धीमी होते ही चलती गाड़ी से यात्री कूदने लगे। रेलवे स्टेशन मास्टर और तकनीकी स्टाफ ने दौड़कर अग्निशमन यंत्रों के माध्यम से आग पर काबू पाया। 
स्टेशन मास्टर बरगढ़ अरुण कुमार तिवारी ने बताया कि जबलपुर में चेकिंग के बाद ट्रेन आगे बढ़ाई गई थी। ब्रेक शू में दिक्कत से ऐसी स्थिति बनी। मानिकपुर जंक्शन चित्रकूट से ट्रेन चलने के बाद अगला स्टापेज नैनी प्रयागराज में था। इस दौरान यात्रियों की निगाह नहीं पड़ती तो बड़ा हादसा तय था। एस-2 और एस-3 बोगी के यात्रियों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन रोकी। 10.24 बजे ट्रेन आगे के लिए रवाना कर दी गई।9.24 बजे स्टेशन पर ट्रेन धीमी होते ही चलती गाड़ी से यात्री कूदने लगे। रेलवे स्टेशन मास्टर और तकनीकी स्टाफ ने दौड़कर अग्निशमन यंत्रों के माध्यम से आग पर काबू पाया। स्टेशन मास्टर बरगढ़ अरुण कुमार तिवारी ने बताया कि जबलपुर में चेकिंग के बाद ट्रेन आगे बढ़ाई गई थी। आग लगने के पीछे प्रथम दृष्टया ब्रेक बाइंडिंग होना है। ब्रेक शू में दिक्कत से ऐसी स्थिति बनी। जांच की जा रही है।
यात्रियों की निगाह पडऩे से टला हादसा
बर्निंग ट्रेन बनने से पवन एक्सप्रेस बच गई। इसके पीछे की वजह यात्री रहे। गार्ड या चालक को घटना की जानकारी ट्रेन रुकने पर हुई। इससे एक बार फिर रेलवे प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।





