घर खरीदने पर कैसे होगी सेविंग और बचेंगे GST से पैसे

अगर आप घर खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो प्रॉपर्टी पर जीएसटी के बारे में जानकारी पहले जरूर जुटा लें। यह आपको बड़ी बचत करा सकती है। 

 

घर खरीदने पर बिल्डर पहले सेवा कर और अब जीएसटी के नाम पर कई बार उपभोक्ताओं से ज्यादा वसूल रहे हैं। इसके चलते 1 अप्रैल से केंद्र ने दो श्रेणियो में बांटते हुए घरों पर जीएसटी की दरों में कटौती की है। ऐसे में बिल्डर को भुगतान करने से पहले जीएसटी की दर जरूर पता करें। सस्ते घर पर जीएसटी की दर कितनी? : सरकार ने इस साल फरवरी में अंतरिम बजट में यह घोषणा की थी कि 1 अप्रैल से निर्माणाधीन घरों (फ्लैट) पर जीएसटी एक फीसदी और पांच फीसदी की दर से लगेगी। इसके तहत सस्ते घरों पर एक फीसदी जीएसटी लगेगी। जबिक अन्य पर पांच फीसदी लेगेगी। 

खरीदने पर होगी कितनी बचत 

नए नियमों के मुताबिक 1 अप्रैल के बाद शुरु हुए प्रोजेक्ट में सस्ते घरों और अन्य श्रेणी के घरों पर जीएसटी सात फीसदी कम चुकानी होगी। पहले यह दर क्रमश: आठ फीसदी और 12 फीसदी थी। नई जीएसटी दरों के मामले में बिल्डर अब अपने निर्माण समाग्री पर इन्पुट टैक्स क्रेडिट यानी जीएसटी रिफंड नहीं मांग सकेंगे।

 

सस्ते घर की परिभाषा 

सरकार के अनुसार 45 लाख तक का मकान सस्ते घर की श्रेणी में आएंगे। इसके तहत एनसीआर समेत देश के महानगरों में 60 वर्गमीटर कॉर्पेट एरिया के मकान सस्ते घर की श्रेणी में आएंगे। जबकि अन्य शहरों और गांवों में 90 वर्गमीटर कॉर्पेट एरिया के मकान सस्ते घर की श्रेणी में आएंगे। दिल्ली-एनसीआर के तहत नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम आएंगे।

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