MP में 13 हजार किसानों की जानकारी शासन को भेजी गई, जिनका 61 करोड़ से अधिक का कर्ज माफ होना बाकी

मध्यप्रदेश सरकार की किसान कर्जमाफी योजना से कई किसान अब भी अछूते हैं। लोकसभा चुनाव के बाद इसे लेकर फिर गंभीर हुई राज्य सरकार ने सभी जिलों से ऐसे किसानों की जानकारी बुलाई है जो तय मापदंडों के तहत कर्जमाफी योजना में आने के हकदार हैं। हाल ही में इंदौर जिले से 13,880 किसानों की जानकारी शासन को भेजी गई है, जिनका 61.08 करोड़ से अधिक का कर्ज माफ होना है। इंदौर जिले में कर्जमाफी योजना में 98 हजार से अधिक किसानों के पंजीयन हुए हैं।
इनमें से अब तक 24,243 किसानों के कर्ज माफ करने को ही मंजूरी दी जा सकी है। इनमें भी सिर्फ राष्ट्रीयकृत बैंकों ने 814 नियमित किसान सदस्यों को ही योजना का लाभ दिया है। इन किसानों के बैंक खातों में 2.11 करोड़ रुपए डाले गए हैं, जबकि इंदौर प्रीमियर को-ऑपरेटिव (आईपीसी) बैंक ने अपने 10,489 नियमित खातेदार किसानों को 28.29 करोड़ रुपए में से अब तक शासन से मिले 26 करोड़ ही दिए हैं। यह पैसा किसानों के खातों में डाल दिया गया है। दरअसल, राज्य शासन द्वारा विधानसभा चुनाव के बाद शुरू की गई किसान कर्जमाफी योजना आचार संहिता के कारण अधर में रह गई थी। आचार संहिता खत्म होने के बाद राज्य सरकार अपने वादे को पूरा करने में फिर जुट गई है। योजना के तहत बैंकों के नियमित कर्जदार किसानों का 50 हजार रुपए और डिफॉल्टर किसानों का दो लाख रुपए तक का कर्ज माफ करने का प्रावधान किया गया है।
आईपीसी बैंक के 12,242 डिफॉल्टर किसान कर्जमाफी योजना के दायरे में आ रहे हैं। इनका 54.76 करोड़ स्र्पए का कर्ज माफ होना है लेकिन अब तक इन्हें योजना का फायदा नहीं मिल पाया है। बैंक के सीईओ एसके खरे का कहना है कि डिफॉल्टर किसानों की कर्जमाफी का पैसा अभी नहीं मिला है। इसके बदले में शेयर कैपिटल मिला है। बैंक को 19.83 करोड़ और प्राथमिक सहकारी कृषि साख संस्थाओं को 21 करोड़ से अधिक की राशि शेयर कैपिटल के रूप में मिली है। इसके जरिए वन टाइम सेटलमेंट करके डिफॉल्टर किसानों को कर्जमाफी योजना का लाभ दिया जाएगा।





